उज्जैन। जिला प्रशासन इन दिनों सरकारी अस्पतालों की लचर व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। इसी सिलसिले में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बीती देर रात चरक भवन अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई से पूरे अस्पताल स्टाफ और प्रबंधन में हड़कंप मच गया। औचक निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्रेयांश कूमट भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल की सुरक्षा, साफ-सफाई और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।
सुरक्षा में बड़ी चूक, सोते मिले सुरक्षाकर्मी
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में बेहद गंभीर लापरवाही उजागर हुई। कलेक्टर ने जब वार्डों का दौरा किया, तो वहां ड्यूटी पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड और पुलिस गार्ड आराम से सोते हुए पाए गए। इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये को देखकर कलेक्टर ने मौके पर ही दोनों को कड़ी फटकार लगाई। इसके साथ ही उन्होंने अस्पताल परिसर में सुरक्षाकर्मियों के लिए उचित ड्रेस कोड का पालन करने के सख्त निर्देश दिए। मरीजों और परिजनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इमरजेंसी वार्ड के बाहर पुलिस गार्ड की अनिवार्य तैनाती करने को कहा।
भीषण गर्मी में एसी बंद, लगेगा जुर्माना
अस्पताल के दौर में कलेक्टर ने बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी को देखते हुए मरीजों को मिलने वाली राहत की भी समीक्षा की। इस दौरान वार्डों में एयर कंडीशनर (एसी) बंद और मेंटेनेंस खराब पाए गए।
परिणामस्वरूप, कलेक्टर ने इस ढुलमुल रवैये पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए एसी मेंटेनेंस एजेंसी का एक महीने का भुगतान काटने के आदेश जारी कर दिए। इसके अलावा, उन्होंने मरीजों को गर्मी से बचाने के लिए तत्काल पर्याप्त संख्या में नए कूलर लगाने के निर्देश भी दिए।
गंदगी मिलने पर प्रबंधन को नोटिस
इसके साथ ही, अस्पताल परिसर में जगह-जगह बिखरी गंदगी और साफ-सफाई की कमी को देखकर भी अधिकारी बेहद खफा नजर आए। इस लापरवाही के लिए उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने की हिदायत दी। वहीं, रात के समय मरीजों को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए उन्होंने नाइट शिफ्ट में डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा, हालिया समय में अस्पतालों में होने वाले हादसों को रोकने के लिए उन्होंने फायर सेफ्टी और इलेक्ट्रिक सेफ्टी का ऑडिट कर विशेष ध्यान देने की बात कही।
कलेक्टर का आधिकारिक बयान
“सिक्योरिटी कर्मचारियों की ड्रेस व्यवस्था और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान सिक्योरिटी गार्ड और पुलिस गार्ड ड्यूटी पर सोते मिले, जिस पर सख्त नाराजगी जताई गई है।”









