Raigarh Satta Syndicate Bust : गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और उससे जुड़े संगठित आर्थिक अपराधों के खिलाफ एक ऐतिहासिक कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी में पुलिस ने सट्टे की काली कमाई को सफेद करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है । पुलिस ने इस सिंडिकेट के तीन प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपये नकद और एक नोट गिनने की मशीन बरामद की है ।
हवाला और ब्लैक मनी का संगठित जाल जांच में यह खुलासा हुआ कि यह सिंडिकेट केवल जुए तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए ब्लैक मनी को वैध बनाने, हवाला नेटवर्क चलाने और आर्थिक अपराधों का एक पूरा तंत्र सक्रिय था । मुख्य आरोपी करन चौधरी का नेटवर्क रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक फैला हुआ था । सट्टे से अर्जित भारी रकम को सीधे अपने पास रखने के बजाय, आरोपी इसे पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य व्यावसायिक चैनलों के माध्यम से ‘कैश डंप’ करता था, जिसे बाद में हवाला के जरिए ठिकाने लगाया जाता था ।
कृष्णा प्राइड टावर में पुलिस की दबिश पुलिस ने टेक्निकल इनपुट और चैट रिकॉर्ड के आधार पर कृष्णा प्राइड टावर स्थित एक फ्लैट में छापा मारा । यहाँ से आरोपी सुनील अग्रवाल के पास से 50 लाख रुपये और पुष्कर अग्रवाल के पास से 52 लाख 60 हजार रुपये नकद बरामद किए गए । आरोपी जांच से बचने के लिए अपने खातों के बजाय कर्मचारियों और परिचितों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर रहे थे ।
आरोपियों पर बीएनएस की धारा 111 (संगठित अपराध) लागू गिरफ्तार आरोपियों में करन चौधरी (29 वर्ष), पुष्कर अग्रवाल (26 वर्ष) और सुनील कुमार अग्रवाल (58 वर्ष) शामिल हैं । करन चौधरी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, जिसमें मारपीट, अपहरण और रंगदारी जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं । आरोपियों की संगठित गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 (संगठित अपराध) भी जोड़ दी है । फिलहाल पुलिस फरार आरोपी जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार की तलाश कर रही है ।









