Home Madhya Pradesh Singrauli Fly Ash Pollution : सिंगरौली में राखड़ माफिया बेखौफ: प्रतिबंधित मॉडल रोड पर उड़ रही जहरीली राख, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

Singrauli Fly Ash Pollution : सिंगरौली में राखड़ माफिया बेखौफ: प्रतिबंधित मॉडल रोड पर उड़ रही जहरीली राख, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

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Singrauli Fly Ash Pollution : सिंगरौली में राखड़ माफिया बेखौफ: प्रतिबंधित मॉडल रोड पर उड़ रही जहरीली राख, प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल

Singrauli Fly Ash Pollution : सिंगरौली। ऊर्जाधानी सिंगरौली में थर्मल पावर प्लांटों से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राखड़) अब आम जनता के लिए जी का जंजाल बन गई है। जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को ठेंगा दिखाते हुए राखड़ से लदे भारी वाहन शहर के मुख्य मार्गों और मॉडल रोड पर बेखौफ दौड़ रहे हैं। इन वाहनों से उड़ने वाली जहरीली राख न केवल पर्यावरण को प्रदूषित कर रही है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रही है।

नियमों की सरेआम धज्जियां पर्यावरण नियमों के मुताबिक, फ्लाई ऐश का परिवहन केवल पूरी तरह से बंद ‘कैप्सूल’ वाहनों में ही किया जाना चाहिए। इसके विपरीत, सिंगरौली में खुले हाइवा और डंपरों का उपयोग धड़ल्ले से हो रहा है। ये वाहन तिरपाल से भी ठीक तरह से नहीं ढके होते, जिससे माजन मोड़ से विन्ध्यनगर की सड़कों पर राख की मोटी परत जम गई है। ओवरलोडिंग का आलम यह है कि 40 टन की क्षमता वाले वाहनों में 50 टन तक राख लादी जा रही है, जो झटकों के साथ सड़कों पर बिखरती रहती है।

बीमारियों का घर बन रही जहरीली राख सड़कों पर उड़ने वाले राख के गुबार के कारण दुपहिया वाहन चालकों की दृश्यता (Visibility) शून्य हो जाती है, जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। स्थानीय कॉलोनियों के निवासियों का कहना है कि राख घरों के भीतर तक पहुँच रही है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

जिम्मेदार मौन, ट्रांसपोर्टरों के हौसले बुलंद सूत्रों का दावा है कि थर्मल पावर प्लांटों से मुफ्त मिलने वाली फ्लाई ऐश के लालच में ट्रांसपोर्टर नियमों को ताक पर रख रहे हैं। कथित तौर पर अधिकारियों की मिलीभगत के कारण रात के समय इन भारी वाहनों का जमावड़ा और बढ़ जाता है। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को बार-बार शिकायतें देने के बावजूद अब तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे आम जनता में भारी रोष है। स्थानीय नागरिकों ने अब मांग की है कि प्रतिबंधित मार्गों पर सीसीटीवी से निगरानी की जाए और असुरक्षित परिवहन करने वाले वाहनों के परमिट निरस्त किए जाएं।

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