Betul Health News : बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के अंतर्गत आठनेर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और कर्मचारियों की संवेदनहीनता का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ एक लैब कर्मचारी द्वारा समय पर जांच न करने और अभद्र व्यवहार करने के कारण एक गर्भवती महिला का उपचार तीन दिनों तक अटका रहा। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी शिकायत सीएमएचओ, कलेक्टर और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री तक पहुँच गई है।
डॉक्टर की सलाह को किया दरकिनार शिकायतकर्ता शैलेंद्र सोलंकी (निवासी पुसली) के अनुसार, उन्होंने 7 मई को अपनी परिजन (गर्भवती महिला) को ओपीडी में दिखाया था, जहाँ डॉक्टर ने कुछ आवश्यक जांचें लिखी थीं। अगले दिन 8 मई को डॉक्टर ने पुनः सीबीसी और एएनसी (ANC) प्रोफाइल जैसी महत्वपूर्ण जांचें शासकीय लैब में कराने की सलाह दी। आरोप है कि लैब कर्मचारी जितेंद्र फाटे ने परिजनों को घंटों गुमराह किया और जांच करने के बजाय उन्हें अगले दिन आने को कहकर टाल दिया।
अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना शिकायत में बताया गया कि जब परिजनों ने जांच के लिए बार-बार निवेदन किया, तो लैब कर्मचारी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और तानाशाही रवैया अपनाया। स्वास्थ्य केंद्र में समय पर जांच न होने के कारण महिला को तीन दिनों तक उचित उपचार नहीं मिल सका, जिससे उसकी स्थिति और अधिक कष्टदायक हो गई। अंततः मजबूरी में परिजनों को निजी केंद्र में उपचार कराना पड़ा।
उच्चाधिकारियों से कार्रवाई की मांग हैरानी की बात यह है कि इस संबंध में बीएमओ (BMO) आठनेर से मौखिक शिकायत की गई, लेकिन वहां से भी कोई ठोस आश्वासन या कार्रवाई देखने को नहीं मिली। अब पीड़ित पक्ष ने मुख्य जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) बैतूल को लिखित आवेदन देकर संबंधित कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। आवेदन की प्रतियां कलेक्टर बैतूल, विधायक हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री को भी भेजी गई हैं ताकि भविष्य में एएनसी अवधि के दौरान मरीज को होने वाली किसी भी अनहोनी की जिम्मेदारी तय की जा सके।









