गौरी शंकर गुप्ता / सारंगढ़: सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में गौण खनिज कारोबार को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। नाथलदाई क्रशर संचालक पर आरोप है कि स्वीकृत लीज क्षेत्र में खनन किए बिना ही करोड़ों रुपये की रॉयल्टी पर्चियां जारी कर दी गई हैं। मामले के उजागर होने के बाद खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
CG NEWS: बताया जा रहा है कि खनिज विभाग के रिकॉर्ड में जिस खसरा नंबर पर पत्थर एवं लाइमस्टोन खनन की लीज स्वीकृत है, वहां मौके पर खनन कार्य का कोई प्रमाण नहीं मिला। स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि संबंधित जमीन पर अब तक खनन शुरू ही नहीं हुआ है, बावजूद इसके उसी लीज के नाम पर बड़े पैमाने पर रॉयल्टी पर्चियां काटी गई हैं।
CG NEWS: ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि अन्य अवैध खदानों से निकाले गए खनिज को वैध दिखाने के लिए इस लीज की रॉयल्टी पर्चियों का उपयोग किया जा रहा है। इससे शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
READ MORE: CG NEWS: CSPTCL कर्मचारियों को बड़ी राहत : महंगाई भत्ता 60% हुआ, जनवरी से मिलेगा एरियर्स
CG NEWS: छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के अनुसार बिना खनन उत्पादन के रॉयल्टी पर्ची जारी करना तथा लीज क्षेत्र से बाहर खनन करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में लीज निरस्त करने, जुर्माना लगाने और आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का प्रावधान है।
CG NEWS: मामले को लेकर क्षेत्र के लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध खनन से सड़कें खराब हो रही हैं और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है, जबकि कागजों में पूरा कारोबार वैध दर्शाया जा रहा है।
CG NEWS: इधर, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर मामले की जांच कराई जाएगी। इसके लिए भौतिक सत्यापन और DGPS सर्वे कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित लीज निरस्त करने के साथ रॉयल्टी की वसूली और एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जा सकती है।अब सबकी नजर खनिज विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।









