Indian Rupee Crash : नई दिल्ली/मुंबई: भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जबरदस्त दबाव में नजर आया। विदेशी बाजारों में डॉलर इंडेक्स की मजबूती और मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपया 39 पैसे टूटकर 95.23 के अब तक के सबसे निचले स्तर (All-time Low) पर बंद हुआ है। यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे आयात महंगा होने और मुद्रास्फीति (महंगाई) बढ़ने का खतरा बढ़ गया है।
गिरावट के मुख्य कारण:
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डॉलर इंडेक्स में उछाल: दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती मापने वाला इंडेक्स 98.26 पर पहुंच गया है।
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कच्चा तेल (क्रूड ऑयल): ब्रेंट क्रूड की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के करीब बनी हुई हैं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है, जिससे डॉलर की मांग बढ़ गई है।
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विदेशी निवेशकों की निकासी: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अकेले गुरुवार को भारतीय बाजार से 8,047.86 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जिससे रुपये पर दबाव बढ़ा।
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जियो-पॉलिटिकल टेंशन: खाड़ी देशों में जारी तनाव ने वैश्विक सप्लाई चेन और निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया है।

बाजार का हाल और विशेषज्ञों की राय सोमवार को रुपया 94.95 पर खुला था, लेकिन दिन भर की उठापटक के बाद 95.23 पर जाकर टिका। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो रुपया जल्द ही 96 से 97 के स्तर तक भी गिर सकता है। हालांकि, शेयर बाजार में तेजी देखी गई; सेंसेक्स 355 अंक चढ़कर 77,269 पर और निफ्टी 24,119 के पार बंद हुआ।









