BRAHMOS-HYPERSONIC-NEWS: भारत ने आधुनिक युद्ध की जरूरतों को देखते हुए हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। डीआरडीओ प्रमुख समीर वी. कामत ने जानकारी दी है कि देश जल्द हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल और हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल से लैस होगा।

इन मिसाइलों की रफ्तार मौजूदा ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल से करीब दोगुनी बताई जा रही है। खास बात यह है कि इतनी तेज गति और उन्नत तकनीक के कारण इन्हें रोकना दुनिया के किसी भी डिफेंस सिस्टम के लिए बेहद मुश्किल माना जा रहा है।
BRAHMOS-HYPERSONIC-NEWS: डीआरडीओ के मुताबिक हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल का पहला परीक्षण जल्द किया जा सकता है। वहीं स्क्रैमजेट इंजन आधारित हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल के परीक्षण में भी बड़ी सफलता मिली है। हाल ही में स्क्रैमजेट प्रोपल्शन सिस्टम का 1000 सेकंड से ज्यादा समय तक सफल परीक्षण किया गया।
भारत एक नई एंटी-शिप मिसाइल पर भी काम कर रहा है, जिसकी गति ब्रह्मोस से भी ज्यादा होगी। इसके तीसरे चरण का परीक्षण इसी महीने होने की संभावना है।
BRAHMOS-HYPERSONIC-NEWS: इसके अलावा अग्नि-6 मिसाइल परियोजना को लेकर भी डीआरडीओ ने तैयारी पूरी होने की बात कही है। सरकार से मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू किया जाएगा। माना जा रहा है कि अग्नि-6 की मारक क्षमता 10 से 12 हजार किलोमीटर तक हो सकती है और यह एक साथ कई परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम होगी।









