निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के श्योपुर में दो साल की मासूम बच्ची को हाईवे पर लावारिस हालत में छोड़ने का मामला अब बड़े खुलासे में बदल गया है। इस घटना ने राज्य में सक्रिय बच्चा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है।
6 आरोपियों की गिरफ्तारी, कई शहरों तक फैला नेटवर्क
श्योपुर पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन महिलाएं, एक पुरुष और एक दंपति शामिल हैं। जांच में सामने आया कि यह गिरोह इंदौर, भोपाल, धार और खरगोन तक फैला हुआ है।
1 लाख रुपये में किया गया था सौदा
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि इंदौर की एक महिला, जो ब्यूटी पार्लर संचालित करती है, ने नवजात बच्ची को भोपाल के एक दंपति को करीब 1 लाख रुपये में बेचा था। यह सौदा बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के किया गया था।
पारिवारिक विवाद में बच्ची को छोड़ भागे
भोपाल के दंपति ने बच्ची को गोद लेने के बाद करीब दो साल तक अपने पास रखा, लेकिन पारिवारिक विवाद के चलते उसे श्योपुर के हाईवे पर लावारिस छोड़ दिया। इसी घटना के बाद पुलिस को पूरे नेटवर्क का सुराग मिला।
स्पेशल टीम ने एक हफ्ते में किया बड़ा खुलासा
मामले की गंभीरता को देखते हुए श्योपुर एसपी सुधीर अग्रवाल ने विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने लगातार कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर गिरोह से जुड़े लोगों को अलग-अलग जिलों से पकड़ लिया।
आगे और खुलासों की संभावना
एसपी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं। आशंका है कि यह गिरोह लंबे समय से बच्चों की खरीद-फरोख्त में सक्रिय था।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल पुलिस अन्य आरोपियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है। इस कार्रवाई को मध्यप्रदेश में मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है।











