Singrauli Coal Adulteration News : सिंगरौली: ऊर्जा धानी सिंगरौली एक बार फिर कोयले के अवैध कारोबार को लेकर चर्चा में है। इस बार गोरबी महदेईया रेलवे साइट पर ‘भस्सी’ (कोयला अवशेष) को शुद्ध कोयले में मिलाकर खपाने का एक संगठित गोरखधंधा सामने आया है। स्टिंग ऑपरेशन और स्थानीय दावों के अनुसार, महावीर कोल वासरी से निकलने वाली भस्सी को रात के अंधेरे में कोयले में मिलाया जाता है और फिर ट्रकों के जरिए औद्योगिक इकाइयों तक सप्लाई कर दिया जाता है।
गुणवत्ता और राजस्व को भारी चपत: विशेषज्ञों का मानना है कि कोयले में भस्सी की मिलावट न केवल इसकी गुणवत्ता (G-Grade) को गिरा रही है, बल्कि ताप विद्युत गृहों और भारी मशीनों को भी नुकसान पहुँचा रही है। यह खेल केवल संसाधनों की चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे शासन को मिलने वाले राजस्व में भी बड़ी सेंध लगाई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि रेलवे, एनसीएल और खनिज विभाग की नाक के नीचे यह सब होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
‘जैन जी’ का नाम चर्चा में, रसूखदारों का संरक्षण! क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे कुछ रसूखदार लोग सक्रिय हैं। सूत्रों के अनुसार, एक प्रभावशाली व्यक्ति ‘जैन जी’ का नाम इस मामले में प्रमुखता से लिया जा रहा है, जिनके संरक्षण में यह ‘भस्सी खेल’ लंबे समय से फल-फूल रहा है। ग्रामीण इस प्रदूषण और धूल से परेशान हैं, लेकिन माफिया के डर और प्रशासनिक उदासीनता के कारण उनकी आवाज दबी हुई है। सामाजिक संगठनों ने अब इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।











