Student Fraud: छात्रों के दस्तावेजों पर फाइनेंस कराए महंगे इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, किस्तें न चुकाकर आरोपी हुए फरार

VIKASH KHALKHO

Student Fraud: दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कॉलेज युवाओं और सीधे-साधे छात्रों को क्रेडिट रिकॉर्ड (सिबिल स्कोर) सुधारने तथा मोटा कमीशन कमाने का लालच देकर एक बड़ी धोखाधड़ी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक शातिर गिरोह ने 40 से अधिक छात्रों को अपने विश्वास में लेकर उनके नाम पर लाखों रुपये के महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान फाइनेंस करवा लिए और करीब 35 से 40 लाख रुपये की ठगी कर चंपत हो गए। इसके अतिरिक्त, इस बड़े मामले की शिकायत मिलते ही पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद अपराध दर्ज किया है। परिणामस्वरूप, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 आरोपी को दबोच लिया है, जबकि 2 अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

इस तरह छात्रों को जाल में फंसाता था गिरोह

दुर्ग एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने मामले की आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित हिमांशु देवांगन और उनके अन्य सहपाठी साथियों ने पद्मनाभपुर थाने में इस धोखाधड़ी की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, शातिर आरोपियों ने छात्रों को पूरी तरह से यह भरोसा दिलाया था कि ईएमआई पर सामान लेने से उनका सिबिल स्कोर बहुत बेहतर हो जाएगा। इसके फलस्वरूप, उन्हें भविष्य में बैंक से आसानी से बड़े लोन मिल सकेंगे। ठगों ने यह भी झांसा दिया कि छात्रों को अपनी जेब से ₹1 भी नहीं देना पड़ेगा, क्योंकि सभी मासिक किस्तें (ईएमआई) आरोपी स्वयं अपने पास से जमा करेंगे।

पहचान पत्र और बैंक पासबुक का किया दुरुपयोग

आरोपियों ने छात्रों को फंसाने के लिए शुरुआत में प्रत्येक फाइनेंस पर 2 से 3 हजार रुपये नगद कमीशन देने का भी लालच दिया। इसके साथ ही, गिरोह के सदस्यों ने छात्रों के मुख्य पहचान पत्रों और बैंक पासबुक का उपयोग कर विभिन्न नामी फाइनेंस कंपनियों से टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, एसी सहित अन्य महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण धड़ाधड़ फाइनेंस करवा लिए। शुरुआत में खुद पर विश्वास बनाए रखने के लिए उन्होंने कुछ महीनों की किस्तें नियमित रूप से जमा की और लड़कों को कमीशन भी दिया। लेकिन अप्रैल माह के बाद से आरोपियों ने ईएमआई भरना पूरी तरह बंद कर दिया और मोबाइल बंद कर फरार हो गए।

रिकवरी एजेंट पहुंचे घर तब खुला ठगी का राज

धोखाधड़ी का यह खेल तब सबके सामने आया जब फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट किस्तों की वसूली के लिए सीधे पीड़ित छात्रों के घर पहुंचने लगे और उन पर कानूनी कार्रवाई का दबाव बनाने लगे। यह देखकर छात्रों के साथ उनके परिजन भी पूरी तरह हैरान रह गए। पुलिस के अनुसार, मुख्य पीड़ित हिमांशु देवांगन से आरोपियों ने इस प्रक्रिया के अलावा 92 हजार रुपये नगद अलग से भी ठग लिए हैं। इस गिरोह के तार और कहां-कहां जुड़े हैं, इसकी पड़ताल के लिए पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई है जो लगातार कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई है।

पुलिस की गिरफ्त में एक आरोपी, दो अभी भी फरार

पद्मनाभपुर पुलिस ने इस गंभीर मामले में मुख्य आरोपी ऋषभ शर्मा, अनिरुद्ध सिंह और दीपक (दीपेश) जोशी के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में आपराधिक मामला दर्ज किया है। मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस ने आरोपी दीपक जोशी को धरदबोचा है और उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है। वहीं, मामले के 2 अन्य मास्टरमाइंड आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। निश्चित रूप से, पुलिस का दावा है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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