निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। राज्य में 79 देसी बमों की बरामदगी के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने केस दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के निर्देश के बाद की गई है।
NIA ने अपने हाथ में ली जांच
एजेंसी के अनुसार, यह मामला मूल रूप से कोलकाता के भांगर डिवीजन के उत्तर काशी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। बाद में गृह मंत्रालय के आदेश पर NIA ने इसे अपने अधिकार में लेकर जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि इतने बड़े पैमाने पर विस्फोटक एक जगह रखना जन-जीवन के लिए गंभीर खतरा है।
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मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी
NIA ने पिछले महीने दक्षिण 24 परगना जिले के बिजॉयगंज बाजार इलाके से अहिदुल इस्लाम मोल्ला नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। एजेंसी का दावा है कि वह बम बनाने और विस्फोट की साजिश में अहम भूमिका निभा रहा था। इससे पहले दक्षिण बामुनिया गांव में बम बनाते समय हुए धमाके में एक व्यक्ति की मौत और तीन लोग घायल हो चुके हैं।
TMC कार्यकर्ता के घर से बरामदगी का आरोप
पुलिस ने भांगर इलाके में एक व्यक्ति के घर से बड़ी संख्या में देसी बम बरामद किए थे। आरोप है कि वह व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़ा हुआ है। हालांकि इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
चुनाव आयोग का सख्त रुख
चुनाव आयोग ने राज्य पुलिस को निर्देश दिया है कि चुनाव से पहले देसी बम बनाने और रखने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि विस्फोटक से जुड़े मामलों की जांच NIA ही करेगी।
दूसरे चरण की वोटिंग से पहले हाई अलर्ट
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होना है। इससे पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी गई है।
पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान
23 अप्रैल को हुए पहले चरण में राज्य में करीब 93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो एक बड़ा आंकड़ा है। अब दूसरे चरण की वोटिंग से पहले सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं।











