निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : इंदौर के पलासिया थाना क्षेत्र में दो बच्चों के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां बच्चों के गायब होते ही परिजनों को व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए 15 लाख रुपए की फिरौती की मांग की गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और परिजन दहशत में आ गए।
CCTV फुटेज से मिला अहम सुराग
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू की। फुटेज में एक संदिग्ध महिला दोनों बच्चों को अपने साथ ले जाती हुई दिखाई दी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की तलाश तेज कर दी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, मल्टी में दबिश
इंदौर पुलिस ने अलग-अलग टीम बनाकर सर्च ऑपरेशन चलाया और राजेंद्र नगर क्षेत्र के दत्त नगर स्थित एक मल्टी में दबिश दी। यहां दोनों बच्चों को बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस को देखते ही आरोपी भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया।
चार आरोपी गिरफ्तार, रिश्तों का जाल
इस मामले में पुलिस ने विनीत प्रजापति, राधिका प्रजापति, तनीषा सेन और ललित सेन को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में दो सगे भाई-बहन हैं, जबकि अन्य दो पति-पत्नी हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी आपस में दोस्त हैं और पैसों की जरूरत के चलते उन्होंने अपहरण की साजिश रची।
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लालच बना अपराध की वजह
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आर्थिक तंगी और जल्द पैसा कमाने की चाहत ने आरोपियों को इस अपराध की ओर धकेला। हालांकि पुलिस समय रहते सक्रिय हुई और बड़ी वारदात होने से पहले ही बच्चों को सुरक्षित छुड़ा लिया गया।
परिजनों को मिली राहत, पुलिस ने दी सहायता
रेस्क्यू के बाद बच्चों को सुरक्षित परिजनों के हवाले किया गया। पुलिस कमिश्नर ने बच्चों को शैक्षणिक सामग्री देकर उनका मनोबल बढ़ाया और भरोसा दिलाया कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर शहर में बढ़ते अपराध और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिनदहाड़े और रिहायशी इलाकों से बच्चों का अपहरण होना चिंता का विषय बनता जा रहा है।











