Thursday, September 10, 2026
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रायपुर में मंदिर महासंघ का भव्य शुभारंभ, धान खरीदी को लेकर CM साय का सकारात्मक रुख

मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन देते हुए श्री. मदनमोहन उपाध्याय मा. श्री. प्रबल प्रताप सिंग जुदेव श्री. सुनील घनवट

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर ‘मंदिर महासंघ, छत्तीसगढ़’ का भव्य शुभारंभ किया गया। धार्मिक परंपराओं और संतों के आशीर्वाद के साथ शुरू हुए इस संगठन का उद्देश्य प्रदेश के मठ-मंदिरों को एकजुट कर उन्हें समाज सेवा और सांस्कृतिक जागरूकता का केंद्र बनाना है।

मंदिरों को सामाजिक शक्ति बनाने का संकल्प

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से आए मंदिर न्यासों के प्रतिनिधियों और धर्माचार्यों ने यह संकल्प लिया कि मंदिर केवल पूजा स्थल तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि समाज के मार्गदर्शन और विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री से मुलाकात, सौंपा ज्ञापन

शुभारंभ के बाद महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात की और मठ-मंदिरों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रमुख रूप से मंदिरों की भूमि पर उत्पादित धान के पंजीकरण और सरकारी खरीदी की मांग रखी गई।

Mandir Mahasangha Pressnote

धान खरीदी पर मिला सकारात्मक आश्वासन

मुख्यमंत्री ने इस मांग पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि इस विषय को आगामी कैबिनेट बैठक में चर्चा के लिए रखा जाएगा, ताकि इस पर जल्द निर्णय लिया जा सके।
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बोनस और सहायता की भी मांग

महासंघ ने यह भी मांग की कि मंदिरों द्वारा उत्पादित धान पर किसानों की तरह बोनस दिया जाए। साथ ही प्राकृतिक आपदाओं में मंदिरों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकारी सहायता की व्यवस्था करने की बात भी उठाई गई।

दीर्घकालिक योजनाओं का खाका

महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि भविष्य में मंदिरों के सुव्यवस्थित संचालन के लिए पुजारियों और न्यासियों का प्रशिक्षण किया जाएगा। साथ ही मंदिर परिसरों में गौशाला, यज्ञशाला, पाकशाला और पाठशाला जैसी व्यवस्थाएं विकसित करने की योजना है।

धार्मिक और सांस्कृतिक संरक्षण पर जोर

महासंघ का लक्ष्य मंदिरों को केवल पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक शिक्षा के केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

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