निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के मंगलाज खरीदी केंद्र पर किसानों के शोषण का मामला सामने आया है। ग्राम मोदीपुर के किसान सतीश राजपूत ने केंद्र के कंप्यूटर ऑपरेटर नरेंद्र पाटीदार पर रिश्वत मांगने और फसल को बार-बार रिजेक्ट करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सर्वेयर ने पास की, फिर भी फसल रिजेक्ट
किसान के अनुसार, पहले उनकी गेहूं की फसल को मिट्टी होने का कारण बताकर खारिज किया गया। इसके बाद उन्होंने सारंगपुर में फसल की सफाई करवाई। दोबारा केंद्र पहुंचने पर सर्वेयर ने फसल को पास कर दिया, लेकिन कंप्यूटर ऑपरेटर ने पोर्टल पर उसे फिर से निरस्त कर दिया।
रिश्वत न देने पर कार्रवाई का आरोप
पीड़ित किसान का कहना है कि उनसे काम के बदले पैसे की मांग की गई थी। इनकार करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और फसल को जानबूझकर खराब बताकर रिजेक्ट किया गया। इस कारण उन्हें कई बार परिवहन और सफाई का खर्च उठाना पड़ा।
8 से 10 हजार रुपये का नुकसान
किसान ने बताया कि 30-32 क्विंटल गेहूं के साथ बार-बार चक्कर लगाने और ग्रेडिंग कराने में उन्हें करीब 8 से 10 हजार रुपये का नुकसान हुआ। उन्होंने इसे सरकारी तंत्र की मनमानी बताया।
प्रबंधन ने आरोपों को नकारा
केंद्र की प्रबंधक पूजा मलवीय ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि कई बार सर्वेयर ही खराब फसल को पैसे लेकर पास कर देते हैं। उनके अनुसार कंप्यूटर ऑपरेटर पर लगाए गए आरोप निराधार हैं।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। भाजपा मंडल अध्यक्ष महेंद्र पाटीदार ने कहा कि यदि किसानों के साथ शोषण हुआ है तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शिवनारायण परमार ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर कांग्रेस किसानों के साथ आंदोलन करेगी।
प्रशासन ने दिए जांच के संकेत
इस मामले में तहसीलदार गुलाना रितेश जोशी ने कहा है कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और नियम अनुसार जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।











