M.P News : दतिया में संत का ‘मुक्के वाला आशीर्वाद’, BJP विधायक को मंच पर मारे थप्पड़-मुक्के

Rahul Goshwami

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के दतिया जिले के बेरछा गांव में आयोजित भागवत कथा के दौरान एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। व्यास गद्दी पर विराजमान संत सीताराम बाबा ने आशीर्वाद लेने पहुंचे सेवड़ा से भाजपा विधायक प्रदीप अग्रवाल के साथ मंच पर ही कठोर व्यवहार किया, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

माला पहनाने पहुंचे विधायक, बाबा का चढ़ा पारा

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि विधायक प्रदीप अग्रवाल श्रद्धा के साथ बाबा को माला पहनाने पहुंचते हैं। इसी दौरान अचानक बाबा नाराज हो जाते हैं और उन्हें डांटते हुए मुक्के मारते हैं, धक्का देते हैं और माला उतारकर उनके ऊपर फेंक देते हैं।
Read more : देश में आधी रात से महिला आरक्षण अधिनियम 2023 लागू, महिलाओं को मिलेगा 33% प्रतिनिधित्व

शांत रहे विधायक, नहीं किया विरोध

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि विधायक ने किसी भी तरह का विरोध नहीं किया। वे हाथ जोड़कर घुटनों के बल बैठे रहे और पूरे समय शांत मुद्रा में बाबा के व्यवहार को सहन करते नजर आए।

कौन हैं संत सीताराम बाबा?

संत सीताराम बाबा मध्य प्रदेश के भिंड जिले के निसरोल मंदिर के महंत हैं। वे क्षेत्र में एक प्रसिद्ध कथावाचक और आध्यात्मिक गुरु माने जाते हैं।
बताया जाता है कि वे अपने गुरु मस्तराम बाबा की परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं और उनके अनुयायियों में आम लोगों से लेकर बड़े राजनेता और उद्योगपति भी शामिल हैं।

उग्र शैली के लिए जाने जाते हैं बाबा

सीताराम बाबा अपने अनोखे और कभी-कभी उग्र अंदाज के लिए जाने जाते हैं। उनके अनुयायी उनके इस व्यवहार को ‘आशीर्वाद’ का रूप मानते हैं। समर्थकों का कहना है कि बाबा जिसे अपना मानते हैं, उसी पर इस तरह का अधिकार जताते हैं।

सोशल मीडिया पर बंटी राय

करीब 36 सेकंड का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

  • एक पक्ष इसे गुरु-शिष्य की परंपरा और आध्यात्मिक संबंध बता रहा है
  • वहीं दूसरा पक्ष सार्वजनिक मंच पर इस तरह के व्यवहार को अनुचित और अपमानजनक मान रहा है

अब तक नहीं आया कोई आधिकारिक बयान

इस पूरे मामले पर अभी तक न तो विधायक प्रदीप अग्रवाल की ओर से कोई शिकायत दर्ज कराई गई है और न ही संत सीताराम बाबा की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है।

यह घटना आस्था, परंपरा और सार्वजनिक मर्यादा के बीच एक नई बहस को जन्म दे रही है। ‘मुक्के वाले आशीर्वाद’ का यह मामला अब केवल एक वीडियो नहीं, बल्कि समाज में संतों की भूमिका और सीमाओं पर चर्चा का विषय बन गया है।

Share The News
Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *