निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर बड़ा बयान दिया है। लास वेगास में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि यह युद्ध “अच्छे तरीके से आगे बढ़ रहा है” और जल्द ही समाप्त हो सकता है। ट्रंप ने अमेरिकी सेना को दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेना बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में इसे और मजबूत बनाया जा रहा है।
“हम जो चाहें कर सकते हैं” – ट्रंप का आत्मविश्वास
अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास इतनी ताकत है कि वह किसी भी स्थिति को नियंत्रित कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि अब तक की कार्रवाई “पूरी तरह सफल” रही है और इसके सकारात्मक परिणाम जल्द सामने आएंगे। उनके मुताबिक, ईरान पर कार्रवाई जरूरी थी, क्योंकि समय रहते कदम नहीं उठाया जाता तो हालात और बिगड़ सकते थे।
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शांति वार्ता और सीजफायर के संकेत
तनाव के बीच कूटनीतिक स्तर पर कुछ सकारात्मक संकेत भी मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को आगे बढ़ाने पर सहमति बन सकती है, ताकि बातचीत जारी रखी जा सके। ट्रंप ने यह भी संकेत दिए कि वे शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद जा सकते हैं।
युद्ध में भारी नुकसान, हजारों की मौत
28 फरवरी से जारी इस संघर्ष में भारी जनहानि हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में करीब 3,000 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लेबनान में 2,100 से ज्यादा लोगों ने जान गंवाई। इजराइल में 23 और खाड़ी देशों में भी कई लोगों की मौत हुई है। वहीं 13 अमेरिकी सैनिक भी इस युद्ध में मारे गए हैं। इस संघर्ष ने वैश्विक तेल आपूर्ति को भी प्रभावित किया है।
इजराइल-लेबनान के बीच अस्थायी सीजफायर
इसी बीच इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिन का सीजफायर लागू किया गया है। हालांकि, यह समझौता हिज्बुल्लाह को सीधे तौर पर शामिल नहीं करता। सीजफायर लागू होते ही बेरुत में लोगों ने जश्न मनाया, लेकिन अधिकारियों ने अभी सतर्क रहने की सलाह दी है।
लाखों लोग बेघर, हालात अब भी नाजुक
युद्ध के कारण करीब 10 लाख लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। हालांकि कुछ लोग वापस लौटने लगे हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक स्थायी समझौता नहीं होता, तब तक क्षेत्र में तनाव बना रह सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी यह संघर्ष भले ही कूटनीतिक मोड़ लेता दिख रहा हो, लेकिन जमीनी हालात अब भी गंभीर हैं। ट्रंप के दावों के बीच दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह युद्ध वाकई जल्द खत्म होगा या तनाव आगे और बढ़ेगा।











