निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : बिहार की राजनीति में नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर हलचल अपने चरम पर पहुंच गई है। पटना से लेकर राजभवन तक राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
सुरक्षा बढ़ने से बढ़ी राजनीतिक चर्चा
पटना के 5 देशरत्न मार्ग स्थित सम्राट चौधरी के आवास पर 100 मीटर के दायरे में सख्त पाबंदी लगा दी गई है। इसके साथ ही वहां लगातार नेताओं और अधिकारियों की आवाजाही भी देखी जा रही है। राज्यपाल सचिव द्वारा उच्च अधिकारियों से मुलाकात ने शपथ ग्रहण की तैयारियों को और तेज कर दिया है।
नीतीश कुमार का संभावित इस्तीफा
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक के बाद इस्तीफा दे सकते हैं। यह कदम बिहार में सत्ता हस्तांतरण की औपचारिक शुरुआत माना जा रहा है।
NDA बैठकों से तय होगा नया चेहरा
14 अप्रैल को पहले बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी, उसके बाद जेडीयू और फिर NDA की संयुक्त बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। इसके बाद 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।
CM रेस में 5 बड़े नाम
बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कई नामों की चर्चा तेज है—
- सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम)
- संजीव चौरसिया (BJP विधायक)
- जनकराम (MLC)
- श्रेयसी सिंह (मंत्री)
- धर्मशीला गुप्ता (राज्यसभा सांसद)
इनमें से किसी एक नाम पर NDA सहमति बना सकता है।
राजनीतिक समीकरण बदलने के संकेत
नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और नए नेतृत्व के चयन से बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। यह बदलाव केवल नेतृत्व तक सीमित नहीं होगा, बल्कि भविष्य की रणनीतियों को भी प्रभावित करेगा।










