M.P News : मऊगंज में स्वास्थ्य व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर! सिस्टम की संवेदनहीनता, दो घटनाओं ने खोली पोल

Rahul Goshwami

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क :  मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले से स्वास्थ्य सेवाओं की बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। यहां दो अलग-अलग घटनाओं ने सिस्टम की संवेदनहीनता और लापरवाही को उजागर कर दिया है। इन घटनाओं ने न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि इंसानियत को भी झकझोर कर रख दिया है।

बेड खाली, फिर भी फर्श पर पड़ा रहा मरीज

पहला मामला मऊगंज सिविल अस्पताल का है, जहां सड़क हादसे में घायल युवक को इलाज के लिए लाया गया। अस्पताल में बेड खाली होने के बावजूद उसे जमीन पर लिटा दिया गया।चौंकाने वाली बात यह रही कि स्वास्थ्य कर्मियों ने कथित तौर पर यह तर्क दिया कि मरीज को बेड पर लिटाने से चादर गंदी हो जाएगी। यह बयान न केवल अमानवीय है, बल्कि चिकित्सा व्यवस्था की संवेदनहीनता को भी दर्शाता है।

शव वाहन न मिलने पर ठेले का सहारा

दूसरी घटना नईगढ़ी क्षेत्र से सामने आई, जहां एक महिला की पिकअप वाहन की टक्कर से मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव को घर ले जाने के लिए वाहन की मांग की, लेकिन उन्हें न एम्बुलेंस मिली और न ही कोई सरकारी शव वाहन।आखिरकार मजबूरी में परिजनों ने हाथ ठेले पर शव रखकर खुद ही उसे घर तक पहुंचाया। यह दृश्य हर किसी को झकझोर देने वाला था।

परिजनों की बेबसी, सिस्टम की चुप्पी

दोनों घटनाएं यह दिखाती हैं कि जरूरत के समय आम आदमी को किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एक तरफ घायल व्यक्ति को बुनियादी इलाज तक नहीं मिला, तो दूसरी ओर मृत महिला को अंतिम सम्मान भी नहीं दिया गया।

कागजों में सीमित रह गई व्यवस्थाएं

मऊगंज में स्वास्थ्य सुविधाएं कागजों में तो मौजूद हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और औपचारिक कार्रवाई ने हालात और खराब कर दिए हैं।

कार्रवाई की मांग तेज

इन घटनाओं के सामने आने के बाद अब स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोग जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

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