निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शनिवार को दो अलग-अलग क्षेत्रों में दो छात्रों द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटनाओं से सनसनी फैल गई। एक घटना पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में सामने आई, जबकि दूसरी स्मृति नगर क्षेत्र में हुई। दोनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
11वीं की छात्रा ने घर में लगाई फांसी
पहली घटना अकलोरडीह इलाके की है, जहां 17 वर्षीय वीणा ठाकुर ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह 11वीं कक्षा की छात्रा थी और अपनी मां के निधन के बाद मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रही थी। जानकारी के अनुसार, वह तड़के करीब 3 बजे पढ़ाई के बहाने कमरे में गई थी। सुबह देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़कर देखा, तो उसका शव फंदे से लटका मिला।
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सुसाइड नोट में जताई माफी
मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें छात्रा ने “सॉरी मम्मी-पापा, मामा-मामी” लिखकर माफी मांगी है। हालांकि उसने आत्महत्या के पीछे स्पष्ट कारण नहीं बताया है। परिजनों के मुताबिक, एक दिन पहले ही वह अपने पिता और सौतेली मां से मिलकर लौटी थी और सामान्य व्यवहार कर रही थी।
BCA छात्र ने भी उठाया खौफनाक कदम
दूसरी घटना स्मृति नगर के आर्यनगर इलाके में हुई, जहां 19 वर्षीय उमेश साहू ने अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। वह बीसीए सेकंड ईयर का छात्र था और उसके पिता ऑटो चालक हैं। सुबह जब दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों ने अंदर जाकर देखा, जहां वह पंखे से लटका मिला।
पुलिस जांच में जुटी
दोनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, आत्महत्या के स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आए हैं। पुलिस सुसाइड नोट और मोबाइल रिकॉर्ड्स की जांच कर रही है।
अभिभावकों से अपील
सीएसपी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, खासकर परीक्षा के समय। मानसिक तनाव ऐसे मामलों की एक बड़ी वजह बन सकता है, इसलिए बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना बेहद जरूरी है।











