CG News: घुमका थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऑनलाइन आईपीएल सट्टा संचालित करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह रैकेट ग्राम खैरझिटी स्थित एक कृषि फार्म से संचालित किया जा रहा था। मामले में अलग-अलग स्थानों से पुलिस ने नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मौके से 13 लाख 73 हजार 950 रुपये मूल्य के मोबाइल, लैपटॉप, कार सहित साढ़े सात लाख की सट्टा पट्टी जब्त की गई है।
CG News: मुखबिर से सूचना मिली थी
पुलिस के अनुसार तीन अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिली थी कि घुमका क्षेत्र में रतन सिन्हा के कृषि फार्म में ऑनलाइन सट्टा खिलाया जा रहा है। सूचना की तस्दीक के बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने देर रात रेड कार्रवाई की। गवाहों को साथ लेकर मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर एक व्यक्ति भागने लगा, जिसे घेराबंदी कर पकड़ लिया गया।
मौके पर दबोचे जाने के बाद तीन आरोपितों ने नागपुर के नेटवर्क के साथ सांई एप के माध्यम से आईपीएल में सट्टेबाजी का खुलासा किया। आरोपितों ने बताया कि यह रैकेट नीतिन लिंबू उर्फ मुंकू द्वारा चलाया जा रहा है, जिसमें महाराष्ट्र का एक व्यक्ति भी शामिल है। इन लोगों ने अलग-अलग जगह मौजूद अन्य आरोपितों की भी जानकारी दी, जिसके बाद छापामार कार्रवाई शुरू की गई और तीन थाना क्षेत्र में कुल नौ गिरफ्तारियां हुईं।
CG News: इनको किया गया गिरफ्तार
फार्म हाउस से सोनारपारा निवासी अमित सोनी (42), कंचनबाग निवासी रियाज खान (35) और खैरझिटी के चंद्रशेखर सिन्हा (32) को पकड़ा गया। वहीं अपने साथी के साथ फरार होने की कोशिश कर रहे नीतिन लिंबू उर्फ मुंकू (45) और उसके साथी नागपुर के जसमीत सिंह (45) को बागनदी के पास से पकड़ा गया। इनके अतिरिक्त थाना बसंतपुर सोनारपारा के सागर सोनकर (38), राहुल सोनकर (39) और लालबाग पुलिस ने तीजूराम साहू (51) व तुषार साहू (19) को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया है।
मौके से एक लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, एक कार, नगदी रकम और सट्टे के हिसाब-किताब की कॉपी जब्त की गई। कॉपी में करीब 7.68 लाख रुपये के लेनदेन का रिकॉर्ड मिला है। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6, 7, 8, बीएनएस की धारा 318(4), 111 और आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
CG News: सांई एप, नागपुर से जुड़ा नेटवर्क
प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि सट्टा संचालन के लिए उपयोग किया जा रहा सांई एप नागपुर से संचालित हो रहा था। एक व्यक्ति द्वारा सॉफ्टवेयर कंट्रोल किया जा रहा था, जबकि स्थानीय स्तर पर आरोपित ऑनलाइन सट्टा खिलाने का काम कर रहे थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।











