Zubin Garg murder : नई दिल्ली। असम के चहेते और मशहूर गायक जुबिन गर्ग की सिंगापुर में हुई मौत अब एक सामान्य हादसा नहीं, बल्कि एक सीधी-सादी हत्या (Murder) का मामला बन गई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने विधानसभा में यह चौंकाने वाला खुलासा किया है।
मुख्यमंत्री सरमा ने मंगलवार को स्पष्ट रूप से कहा कि शुरुआती जांच में असम पुलिस को यकीन है कि यह गैर-इरादतन हत्या नहीं, बल्कि एक सुनियोजित कत्ल था।
Our #BelovedZubeen was murdered. The accused will face the wrath of the law. pic.twitter.com/KbT347mojB
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) November 25, 2025
Zubin Garg murder : सीएम सरमा के बड़े दावे
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हत्या का दावा: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “जुबिन गर्ग की हत्या की गई थी और जिन्होंने यह किया है, वे कानून से बच नहीं पाएंगे।”
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आरोपियों की संलिप्तता: उन्होंने दावा किया कि “आरोपियों में से एक ने गर्ग की हत्या की, और दूसरों ने उसकी मदद की।”
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FIR की तैयारी: सीएम के अनुसार, इस हत्या के मामले में चार से पांच लोगों पर मामला दर्ज किया जा रहा है और जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
Zubin Garg murder : क्या था आधिकारिक बयान?
असम और पूर्वोत्तर भारत की आवाज़ माने जाने वाले जुबिन गर्ग का निधन 19 सितंबर को सिंगापुर में हुआ था। वह वहां नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में हिस्सा लेने गए थे।
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सिंगापुर का बयान: शुरुआत में सिंगापुर प्रशासन ने इसे एक सामान्य हादसा बताया था।
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पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट: आधिकारिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया था।
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घटना का विवरण: बताया गया था कि जुबिन सेंट जॉन आइलैंड के पास एक यॉट पर थे और लाइफ जैकेट के बिना तैरने उतरे थे। सांस लेने में दिक्कत होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई थी।
Zubin Garg murder : जांच के बाद खुलासे
जुबिन की मौत के बाद उनके प्रशंसकों, परिवार और कुछ राजनीतिक नेताओं द्वारा सवाल उठाए जाने पर, असम सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और एक सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया। भारत सरकार ने भी सिंगापुर से मदद के लिए MLAT प्रक्रिया शुरू की है।
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गिरफ्तारियां: इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें फेस्टिवल आयोजक श्यामकानू महांता, मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, कुछ बैंड सदस्य, जुबिन के कजिन और सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।
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संदिग्ध लेन-देन: सुरक्षाकर्मियों के बैंक खातों में ₹1.1 करोड़ रुपये से ज्यादा की संदिग्ध रकम मिलने के बाद वित्तीय एजेंसियां भी अब जांच में शामिल हो गई हैं।
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ज़हर की बात खारिज: हालांकि दूसरी ऑटोप्सी रिपोर्ट में यह साफ हो चुका है कि मौत ज़हर से नहीं हुई थी।
विरोधाभासी बयान, देरी से इलाज और पैसों के लेन-देन ने इस मामले को और भी उलझा दिया है। जहां सिंगापुर पुलिस अभी भी इसे हादसा मान रही है, वहीं असम के मुख्यमंत्री के इस बड़े खुलासे के बाद जल्द ही बड़ी कानूनी कार्रवाई की उम्मीद है।











