Sub-Inspector Recruitment: CGPSC SI प्रारंभिक परीक्षा के एडमिट कार्ड जारी: सीजीपीएससी ने जारी किए कड़े दिशानिर्देश और गाइडलाइन

Sub-Inspector Recruitment: रायपुर। छत्तीसगढ़ में खाकी वर्दी पहनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बहुप्रतीक्षित प्रशासनिक अपडेट सामने आया है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने सब-इंस्पेक्टर (SI) संवर्ग प्रारंभिक परीक्षा 2026 के आधिकारिक एडमिट कार्ड (प्रवेश पत्र) जारी कर दिए हैं। ऐसे तमाम उम्मीदवार जिन्होंने पूर्व में आयोजित शारीरिक दक्षता परीक्षा और शारीरिक माप परीक्षण (PET/PST) को सफलतापूर्वक पास कर लिया था, वे अब आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग ने परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।

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12 जुलाई को एक ही पाली में आयोजित होगी परीक्षा; कड़े सुरक्षा नियम लागू

आयोग द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार, सब-इंस्पेक्टर संवर्ग की प्रारंभिक लिखित परीक्षा आगामी 12 जुलाई 2026 (रविवार) को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा प्रदेशभर में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक केवल एक ही पाली में संपन्न होगी। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए व्यापम और आयोग ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। परीक्षार्थियों को निर्देशित किया गया है कि वे परीक्षा केंद्र पर अपने एडमिट कार्ड की स्पष्ट प्रिंट कॉपी के साथ एक वैध मूल फोटो पहचान पत्र (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता परिचय पत्र, पासपोर्ट या अन्य सरकारी दस्तावेज) अनिवार्य रूप से साथ लाएं। इसके बिना केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

341 पदों के लिए 63,342 उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला

इस बार सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी होने वाली है। छत्तीसगढ़ गृह (पुलिस) विभाग के अंतर्गत कुल 341 रिक्त पदों को भरने के लिए यह वृहद् भर्ती अभियान चलाया जा रहा है। इन पदों में सब-इंस्पेक्टर (SI), सूबेदार और प्लाटून कमांडर के महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। शारीरिक नापजोख और दौड़ की कठिन परीक्षा पार करने के बाद अब कुल 63,342 योग्य उम्मीदवार इस प्रारंभिक लिखित परीक्षा में अपनी किस्मत आजमाएंगे।

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छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों में परीक्षा केंद्र; प्रमुख शहरों में विशेष व्यवस्था

परीक्षार्थियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए और लंबी यात्रा से बचाने के लिए आयोग ने इस बार कूटनीतिक रूप से छत्तीसगढ़ के सभी 33 प्रशासनिक जिलों में परीक्षा केंद्र स्थापित किए हैं। राजधानी रायपुर सहित बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और अंबिकापुर जैसे प्रमुख संभागीय मुख्यालयों और शहरों में बड़े परीक्षा हब बनाए गए हैं। स्थानीय मार्गदर्शिका और जिला पुलिस प्रशासन को परीक्षा के दिन यातायात व कानून व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं।

एडमिट कार्ड डाउनलोड करने की चरणबद्ध प्रक्रिया

अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए डाउनलोड करने की प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है:

  1. सबसे पहले छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (psc.cg.gov) पर जाएं।
  2. होमपेज पर उपलब्ध “Admit Card – Sub-Inspector Cadre Exam 2026” के लिंक पर क्लिक करें।
  3. नए क्रेडेंशियल विंडो में अपनी पंजीकृत ईमेल आईडी (Email ID) और पासवर्ड दर्ज कर लॉग इन करें।
  4. स्क्रीन पर एडमिट कार्ड प्रदर्शित होने के बाद सभी व्यक्तिगत जानकारियों और परीक्षा केंद्र के नाम की जांच कर लें।
  5. भविष्य के संदर्भ और परीक्षा के दिन उपयोग के लिए इसकी कम से कम दो कलर्ड या ब्लैक-एंड-व्हाइट प्रिंट कॉपी अपने पास सुरक्षित रख लें।

Shala Pravesh Utsav: बरती कला स्कूल में धूमधाम से मनाया गया ‘शाला प्रवेश उत्सव’: नव-प्रवेशी बच्चों का हुआ तिलक लगाकर स्वागत; छात्रों को दिलाई गई नशा मुक्ति की शपथ

Shala Pravesh Utsav: बलरामपुर/वाड्रफनगर। छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुरूप पूरे प्रदेश में इन दिनों ‘शाला प्रवेश उत्सव’ को एक गरिमामयी सामाजिक त्योहार के रूप में बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इसी तारतम्य में शनिवार, 27 जून 2026 को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखंड वाड्रफनगर के अंतर्गत आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरती कला में भव्य शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी उत्सव में क्षेत्र के पालकगण, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान नए और अगली कक्षाओं में प्रमोट हुए छात्र-छात्राओं का आत्मीय स्वागत करने के साथ ही उन्हें जीवन में संस्कार, अनुशासन और नशा मुक्ति के मार्ग पर चलने का कूटनीतिक मंत्र दिया गया।

छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा और राजकीय गीत से हुई शुरुआत

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी और विद्या की देवी मां सरस्वती के तैलचित्र पर धूप-दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्पमाला अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ और छत्तीसगढ़ के गौरवशाली राजकीय गीत ‘अरपा पैरी के धार’ का सामूहिक गायन हुआ, जिससे पूरा विद्यालय परिसर देशप्रेम और क्षेत्रीय संस्कृति के रंग में सराबोर हो गया। इसके बाद, पिछली कक्षाओं को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश करने वाले छात्र-छात्राओं का अतिथियों द्वारा रोली-चंदन का तिलक लगाकर और मुंह मीठा कराकर स्वागत किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मंगलकामनाएं दी गईं।

शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और नशा मुक्ति पर विशेष जोर

उत्सव के मुख्य अतिथि, क्षेत्र के जनपद सदस्य व भाजपा जिला मंत्री मुकेश जायसवाल ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ जीवन में उच्च संस्कार और कड़ा अनुशासन होना बेहद अनिवार्य है। उन्होंने युवाओं से नशे की प्रवृत्तियों से दूर रहने का आह्वान किया। इसी क्रम में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक युधन प्रसाद जायसवाल ने मंच से उपस्थित समस्त छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और अभिभावकों को जीवनभर नशा मुक्ति अपनाने और समाज को जागरूक करने की सामूहिक शपथ दिलाई।

जनप्रतिनिधियों और विद्यालय स्टाफ के सहयोग से सफल हुआ उत्सव

इस गरिमामयी आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई। कार्यक्रम में परसडिहा की सरपंच सिसका खजूर, वरिष्ठ कार्यकर्ता प्रेमपाल पांडेय, युवा मोर्चा महामंत्री विजय चौरसिया, पिछड़ा वर्ग मोर्चा उपाध्यक्ष कृष्णा साहू सहित सुखमन खैरा और चंद्रबली गहरवरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे।

वहीं, संस्था के प्राचार्य धर्मेंद्र कुमार के कुशल मार्गदर्शन में विद्यालय परिवार के समस्त स्टाफ ने अपना अमूल्य योगदान दिया। मंच का सफल संचालन और प्रवक्ता की भूमिका मुकेश भाई पटेल ने निभाई। इस अवसर पर प्रधान पाठक तारकनाथ पटेल, वरिष्ठ व्याख्याता सुरेंद्र पटेल (जिन्होंने अंत में सभी का आभार व्यक्त किया), निलेश पटेल, निशांत पटेल, प्रमोद सिंह, अरुण पटेल, योगेश्वर साहू, राजेश एक्का, करम साय, तथा शिक्षिका अंजू ध्रुव, सुचिता एक्का और रीता गुप्ता सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

Raigarh Police: अवैध शराब पर पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: ग्राम बेलजोर में रंगे हाथ पकड़ाया तस्कर, भेजा गया रिमांड पर

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Raigarh Police: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ जिले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह के कुशल दिशा-निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों और अवैध शराब के काले कारोबार के समूल विनाश के लिए “ऑपरेशन आघात” पूरी मुस्तैदी से चलाया जा रहा है। इसी कड़े प्रशासनिक अभियान के अंतर्गत शनिवार, 27 जून 2026 को तमनार थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना प्रभारी तमनार (निरीक्षक) प्रशांत राव के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम ने ग्राम बेलजोर में सुनियोजित तरीके से दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध हाथ भट्ठी निर्मित महुआ शराब के साथ एक बुजुर्ग आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी, पुलिस को देख भागे पियक्कड़

तमनार पुलिस से प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, थाना प्रभारी प्रशांत राव को तड़के मुखबिर के माध्यम से एक बेहद पुख्ता सूचना मिली थी कि ग्राम बेलजोर का रहने वाला एक व्यक्ति अपने मकान के पीछे स्थित बाड़ी में भारी मात्रा में महुआ शराब छुपाकर ग्राहकों को बेचने की फिराक में है। सूचना की गंभीरता को भांपते हुए थाना प्रभारी ने तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन कर मौके के लिए रवाना किया। पुलिस टीम ने जब योजनाबद्ध तरीके से चिन्हित मकान की बाड़ी में अचानक दबिश दी, तो वहां अवैध रूप से शराब का सेवन कर रहे कुछ लोग पुलिस की गाड़ियों को देखकर मौके से भागने में सफल रहे।

62 वर्षीय आरोपी के कब्जे से 3,000 रुपये मूल्य की शराब बरामद

पुलिस टीम ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए बाड़ी में छिपे मुख्य संदिग्ध को चारों तरफ से घेरकर हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम अनंतराम भुईहर (पिता स्व. लक्ष्मण भुईहर, उम्र 62 वर्ष), निवासी ग्राम बेलजोर, थाना तमनार बताया। पुलिस द्वारा कड़ाई से तलाशी लेने पर आरोपी की बाड़ी से 15 लीटर हाथ भट्ठी से निर्मित कच्ची महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत करीब ₹3,000 आंकी गई है। आरोपी ने पुलिस के समक्ष बिना किसी वैध दस्तावेज के आर्थिक लाभ कमाने की नीयत से शराब का अवैध निर्माण और बिक्री करना स्वीकार किया।

आबकारी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई, रिमांड पर भेजा गया जेल

तमनार पुलिस ने तत्काल पूरी शराब को विधिवत जब्त करते हुए आरोपी अनंतराम भुईहर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के इस कृत्य के विरुद्ध थाना तमनार में धारा 34(2) और 59(क) छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत गंभीर अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर आरोपी को जेल भेज दिया गया है। रायगढ़ जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ग्रामीण अंचलों में शांति व्यवस्था और महिला सुरक्षा को प्रभावित करने वाले इस प्रकार के अवैध अड्डों के खिलाफ “ऑपरेशन आघात” के तहत कार्रवाई आने वाले दिनों में और अधिक आक्रामक तरीके से जारी रहेगी। इस त्वरित और सफल छापामार कार्रवाई में प्रधान आरक्षक बनारसीलाल सिदार तथा आरक्षक रंजीत भगत ने सराहनीय और जांबाज भूमिका निभाई।

Raipur Court: कोर्ट ने तय की सजा: हिरासत अवधि के बराबर सश्रम कारावास, जुर्माना न देने पर बढ़ेगी जेल

Raipur Court: रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कानूनी सफलता मिली है। रायपुर की विशेष एनडीपीएस (NDPS) अदालत ने बंधुआपारा क्षेत्र में अवैध रूप से गांजा बेचने वाली एक महिला तस्कर को दोषी करार देते हुए सश्रम कारावास और भारी अर्थदंड की सजा सुनाई है। पुरानी बस्ती थाना पुलिस द्वारा मामले में की गई त्वरित विवेचना और अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए पुख्ता वैज्ञानिक व दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने यह कड़ा फैसला सुनाया है।

बंधुआपारा में रेड के दौरान 1.138 किलोग्राम गांजे के साथ हुई थी गिरफ्तारी

अभियोजन पक्ष और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह पूरा मामला 9 जनवरी 2026 का है। थाना पुरानी बस्ती पुलिस को मुखबिर के जरिए एक पुख्ता सूचना मिली थी कि बंधुआपारा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध रूप से गांजे की बिक्री की जा रही है और युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में धकेला जा रहा है। सूचना की तस्दीक करने के बाद पुलिस की विशेष टीम ने बंधुआपारा में चिन्हित स्थान पर योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर रेड की कार्रवाई को अंजाम दिया। मौके से पुलिस ने आरोपी महिला हिना परवीन को हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 1.138 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद कर विधिवत जब्त किया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 17/2026, धारा 20(b) एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था।

कोर्ट ने हिरासत अवधि को ही माना सजा, ₹30,000 का लगाया अर्थदंड

पुरानी बस्ती पुलिस ने मामले की गहन विवेचना पूरी कर समय-सीमा के भीतर आरोपी महिला के विरुद्ध विशेष न्यायालय एनडीपीएस एक्ट रायपुर में चालान (आरोप पत्र) प्रस्तुत किया। मामले की विस्तृत सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माननीय विशेष न्यायालय ने आरोपी हिना परवीन उर्फ छोटी (पति वसीम खान), निवासी– मुस्लिम मोहल्ला, बंधवापारा को मादक पदार्थों की तस्करी का शत-प्रतिशत दोषी पाया।

अदालत द्वारा 24 जून 2026 को पारित किए गए अंतिम निर्णय के अनुसार, दोषी महिला को दिनांक 9 जनवरी 2026 (गिरफ्तारी की तारीख) से 24 जून 2026 तक की कुल न्यायिक अभिरक्षा अवधि के बराबर सश्रम कारावास की सजा भुगतने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर ₹30,000/- (तीस हजार रुपये) का नगद अर्थदंड भी लगाया है। कानूनी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि दोषी महिला द्वारा अर्थदंड की राशि समय पर जमा नहीं की जाती है, तो उसे अतिरिक्त अवधि के लिए जेल (अतिरिक्त कारावास) में रहना होगा।

प्रभावी पुलिसिंग और साक्ष्य संकलन की कोर्ट में हुई सराहना

इस पूरे मामले में सजा की दहलीज तक पहुंचने का मुख्य श्रेय पुरानी बस्ती थाना पुलिस की मुस्तैद और प्रभावी विवेचना प्रणाली को जाता है। पुलिस टीम ने पंचनामा, गवाहों के बयान और मादक पदार्थ की जब्ती की प्रक्रियाओं को कानूनी मापदंडों के अनुरूप इतनी बारीकी से तैयार किया कि आरोपी पक्ष को अदालत में बचने का कोई मौका नहीं मिला। रायपुर पुलिस प्रशासन ने इस अदालती फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि नशे के सौदागरों के खिलाफ ऐसी कठोर कानूनी सजाएं समाज में एक कड़ा संदेश देंगी और अपराध नियंत्रण में सहायक सिद्ध होंगी।

Shivpuri Mining Inspector: शिवपुरी में माइनिंग इंस्पेक्टर की दबंगई का वीडियो वायरल, युवक को थप्पड़ मारने और धक्का देने का आरोप, कार्रवाई पर उठे सवाल

Shivpuri Mining Inspector: शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में माइनिंग विभाग के एक इंस्पेक्टर का कथित तौर पर युवक को थप्पड़ मारने और धक्का देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों के व्यवहार पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। वहीं, जिस मामले में पहले शासकीय कार्य में बाधा डालने की शिकायत दर्ज कराई गई थी, अब उसी घटना का दूसरा पक्ष भी सामने आने से मामला चर्चा का विषय बन गया है।

जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला पिछोर थाना क्षेत्र का है। कुछ दिन पहले माइनिंग विभाग के निरीक्षक ऋषभ दीक्षित अवैध खनिज परिवहन की जांच के लिए क्षेत्र में निरीक्षण पर निकले थे। इसी दौरान उन्होंने पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोककर जांच की। जांच के दौरान चालक से खनिज परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

Shivpuri Mining Inspector: इसके बाद माइनिंग विभाग की टीम ने नियमानुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त करने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान मौके पर मौजूद कुछ लोगों और माइनिंग टीम के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई।

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शासकीय कार्य में बाधा डालने का दर्ज कराया था मामला

Shivpuri Mining Inspector: घटना के बाद माइनिंग इंस्पेक्टर ऋषभ दीक्षित ने पिछोर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए मंगल लोधी सहित अन्य लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने, सरकारी कार्रवाई का विरोध करने और विवाद करने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।

अब वायरल वीडियो ने बदल दिए पूरे घटनाक्रम के मायने

Shivpuri Mining Inspector: शुक्रवार रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर माइनिंग इंस्पेक्टर ऋषभ दीक्षित एक युवक को थप्पड़ मारते और उसके साथ धक्का-मुक्की करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

Shivpuri Mining Inspector: वीडियो में दिखाई दे रहे दृश्य को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि अधिकारी स्वयं युवक के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं, तो घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं? हालांकि, वीडियो किस संदर्भ में रिकॉर्ड किया गया और उससे पहले क्या हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल

Shivpuri Mining Inspector: वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल उठा रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की जांच केवल वायरल वीडियो के आधार पर नहीं, बल्कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयान के आधार पर होनी चाहिए।

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जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

Shivpuri Mining Inspector: फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस और संबंधित विभाग पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वायरल वीडियो उसी घटना का है या नहीं, जिसमें शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया था।यदि जांच में वीडियो की पुष्टि होती है, तो अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। वहीं यदि वीडियो का संदर्भ अलग पाया जाता है, तो उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बड़ा सवाल

Shivpuri Mining Inspector: यह मामला एक बार फिर सरकारी अधिकारियों के आचरण और कार्रवाई के तौर-तरीकों पर सवाल खड़े करता है। अब सभी की नजर जांच पर टिकी है कि क्या प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएगा या नहीं।

Kukru Ecotourism: कुकरू में अध्यात्म और विकास: सनराइज और बुच पॉइंट पर ध्यान लगाने के साथ ‘मन की बात’ सुनेंगे सीएम

Kukru Ecotourism: बैतूल/भैंसदेही। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील में सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसा नैसर्गिक सौंदर्य से भरपूर कुकरू गांव एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 और 28 जून को कुकरू गांव के दो दिवसीय विशेष दौरे पर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री अपने इस प्रवास के दौरान न केवल इस खूबसूरत हिल स्टेशन के विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे, बल्कि यहां के प्रसिद्ध सनसेट पॉइंट से ढलते सूरज का दीदार भी करेंगे। इसके साथ ही अगले दिन अलसुबह वे कुकरू के विहंगम सनराइज और बुच पॉइंट पर योग एवं गहरे ध्यान (मेडिटेशन) सत्र में भाग लेंगे। रविवार, 28 जून को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री इसी सुरम्य वादियों के बीच स्थानीय जनजातीय समुदाय के साथ प्रधानमंत्री के लोकप्रिय ‘मन की बात’ कार्यक्रम को भी सुनेंगे।

Mp:सतपुड़ा की वादियों में बसा 'कुकरू' बनेगा मध्यप्रदेश का नया पर्यटन  केंद्र, जानिए क्यों खास है यह हिल स्टेशन - Mp: 'kukru', Nestled In The  Satpura Ranges, Is Set To ...

मानसून में बादलों की छांव और फूलों की घाटी का अहसास

समुद्र तल से लगभग 1,117 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कुकरू गांव अपनी अद्वितीय भौगोलिक स्थिति और प्रकृति के अद्भुत नजारों के लिए विख्यात है। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां मानसून और सर्दियों के मौसम में देश के बड़े हिल स्टेशनों जैसा अहसास होता है। जून के इस मानसूनी सीजन में पूरा इलाका घने कोहरे और अपेक्षाकृत बेहद नीचे आ चुके बादलों से घिर जाता है। पहली बौछार के बाद पूरी कुकरू घाटी रंग-बिरंगे प्राकृतिक फूलों की चादर से ढंक जाती है, जो पर्यटकों के लिए अप्रतिम सनराइज और सनसेट का दृश्य पेश करती है। मुख्यमंत्री के इस दौरे से क्षेत्र में ईको-टूरिज्म (Eco-Tourism) को भारी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।Kukru Sunset Point in Khamla,Betul - Best Tourist Attraction near me in  Betul - Justdial

मध्य प्रदेश का एकमात्र ‘कॉफी हब’ है कुकरू, 1944 से जुड़ा है इतिहास

कुकरू गांव का ऐतिहासिक और कृषि महत्व भी बेहद अनूठा है। यह संपूर्ण मध्य प्रदेश का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां व्यावसायिक रूप से कॉफी की पैदावार की जाती है। इस अनोखी परंपरा की शुरुआत वर्ष 1944 में विदेशी मूल की महिला मिस फ्लोरेंस हैंड्रिक्स ने यहां कॉफी रोपण करके की थी, जो आज इस क्षेत्र की मुख्य पहचान बन चुकी है। कुकरू की वादियों में बेहद उच्च गुणवत्ता वाली ‘अरेबिका’ (Arabica) किस्म की कॉफी उगाई जाती है और वर्तमान में यहां प्रतिवर्ष लगभग 10 क्विंटल कॉफी का उत्पादन सफलतापूर्ण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री इस ऐतिहासिक रोपण क्षेत्र का भी बारीकी से निरीक्षण करेंगे।Beautiful sunset colours....Bharmour Himachal Pradesh Nov 3rd 2021

‘कुकरू ब्रांड’ से कोदो-कुटकी और डेयरी उत्पादों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान

राज्य सरकार अब कुकरू को सिर्फ एक पर्यटन स्थल के रूप में ही नहीं, बल्कि एक आत्मनिर्भर आर्थिक मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। कॉफी के अलावा यह क्षेत्र स्थानीय स्तर पर उत्पादित पोषक अनाज कोदो-कुटकी, पारंपरिक रबड़ी, मावा और अन्य शुद्ध डेयरी उत्पादों के लिए बेहद प्रसिद्ध है। जिला प्रशासन और मप्र सरकार संयुक्त रूप से इन उत्पादों को ‘कुकरू ब्रांड’ के नाम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर री-लॉन्च करने की वृहद् योजना पर काम कर रहे हैं। इस कदम से सतपुड़ा अंचल के स्थानीय आदिवासियों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र की सीमा से लगे इस जनजातीय क्षेत्र को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान हासिल होगी।

200MP कैमरा, 7000mAh बैटरी और दमदार फीचर्स के साथ आया Vivo X Fold 6, जानें पूरी डिटेल

Vivo X Fold 6 Launch: Vivo X Fold 6 लॉन्च हो चुका है और कंपनी ने इसे प्रीमियम फोल्डेबल स्मार्टफोन सेगमेंट में पेश किया है। Vivo X Fold 6 लॉन्च के साथ यूजर्स को बड़ी AMOLED डिस्प्ले, 7000mAh की बैटरी, 200MP कैमरा और लेटेस्ट प्रोसेसर जैसे कई शानदार फीचर्स मिलते हैं। फिलहाल यह स्मार्टफोन चीन में लॉन्च किया गया है।

Vivo X Fold 6 लॉन्च के तहत इस फोन में 8.02 इंच की Samsung M14 फोल्डेबल AMOLED इनर डिस्प्ले दी गई है। यह 120Hz रिफ्रेश रेट, 300Hz टच सैंपलिंग रेट और HDR सपोर्ट के साथ आती है। इसके अलावा बाहर की तरफ 6.51 इंच AMOLED कवर डिस्प्ले भी दी गई है, जिससे फोन बंद होने पर भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।

दमदार प्रोसेसर देगा तेज परफॉर्मेंस
Vivo X Fold 6 लॉन्च में कंपनी ने 3nm MediaTek Dimensity 9500 Super ऑक्टा-कोर प्रोसेसर का इस्तेमाल किया है। इसके साथ ARM Mali G1-Ultra GPU दिया गया है, जिससे गेमिंग और मल्टीटास्किंग का अनुभव बेहतर होने का दावा किया गया है। सिक्योरिटी के लिए फोन में साइड फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक फीचर भी मिलता है।

200MP कैमरा बना सबसे बड़ा आकर्षण
Vivo X Fold 6 लॉन्च का सबसे बड़ा आकर्षण इसका कैमरा सेटअप है। इसमें Zeiss ट्यून ट्रिपल रियर कैमरा दिया गया है। फोन में 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा OIS सपोर्ट के साथ मौजूद है। इसके अलावा 50MP अल्ट्रा-वाइड और 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा भी मिलता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए अंदर और बाहर दोनों डिस्प्ले पर 20MP कैमरा दिया गया है। यह फोन 8K वीडियो रिकॉर्डिंग को भी सपोर्ट करता है।

7000mAh बैटरी और फास्ट चार्जिंग
Vivo X Fold 6 लॉन्च के साथ कंपनी ने बड़ी 7000mAh बैटरी दी है। यह 80W वायर्ड और 40W वायरलेस फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। लंबे समय तक इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए यह बैटरी बड़ी खास साबित हो सकती है।

कनेक्टिविटी फीचर्स भी शानदार
Vivo X Fold 6 लॉन्च में 5G, Wi-Fi 7, Bluetooth 5.4, GPS, 4G LTE और USB Type-C जैसे आधुनिक कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं। फोन Android 16 आधारित OriginOS 6 Fold पर काम करता है।
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Vivo X Fold 6 की कीमत
Vivo X Fold 6 लॉन्च के तहत इसकी शुरुआती कीमत 7,999 चीनी युआन (करीब ₹1.11 लाख) रखी गई है।

  • 12GB + 256GB – 7,999 Yuan (लगभग ₹1.11 लाख)
  • 12GB + 512GB – 8,999 Yuan (लगभग ₹1.25 लाख)
  • 16GB + 512GB – 10,999 Yuan (लगभग ₹1.53 लाख)
  • 16GB + 1TB – 11,299 Yuan (लगभग ₹1.57 लाख)

फोन को ब्लैक गोल्ड एडिशन सहित कई विकल्पों में पेश किया गया है।

भारत में कब होगा लॉन्च?
Vivo X Fold 6 लॉन्च फिलहाल चीन तक सीमित है। कंपनी ने अभी भारत में इसकी लॉन्च डेट की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हालांकि, माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसे भारतीय बाजार में भी पेश किया जा सकता है।

Mission Vatsalya: जांजगीर-चांपा में पुलिस का विशेष मंथन: पांच महत्वपूर्ण डिजिटल पोर्टल्स पर दिया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण

Mission Vatsalya: गौरी शंकर गुप्ता/जांजगीर-चांपा। जिला पुलिस मुख्यालय जांजगीर में तकनीक आधारित, पारदर्शी और जनोन्मुखी पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के कुशल निर्देशन में शनिवार, 27 जून 2026 को पुलिस लाइन जांजगीर के सभाकक्ष में एक दिवसीय विशेष तकनीकी कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण में जिले के सभी थाना व चौकी प्रभारियों, विवेचकों, रीडर्स और सीसीटीएनएस (CCTNS) आरक्षकों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला के दौरान पुलिसिंग को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पांच प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स—eDAR, ई-साक्ष्य, पीएम राहत योजना, सीएम हेल्पलाइन 1076 और मिशन वात्सल्य के प्रभावी व विधिसम्मत उपयोग की कूटनीतिक बारीकियां सिखाई गईं।

eDAR पोर्टल: सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को 48 घंटे में मिलेगा डिजिटल न्याय

कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) उदयन बेहार ने eDAR (Electronic Detailed Accident Report) पोर्टल के संबंध में अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अब सड़क हादसों के पीड़ितों को क्लेम और कागजी कार्रवाई के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दुर्घटना के महज 48 घंटे के भीतर संबंधित एफआईआर (FIR), घटनास्थल के फोटो, पंचनामा, और पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट समेत सभी आवश्यक कानूनी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह डेटा सीधे न्यायालय, बीमा कंपनियों और परिवहन विभाग को रियल-टाइम में फॉरवर्ड होगा, जिससे पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलने की समय-सीमा आधी रह जाएगी। एएसपी ने समयबद्ध प्रविष्टि न करने वाले लापरवाह कर्मचारियों पर सीधी जवाबदेही तय करने की कड़ी चेतावनी भी दी।

ई-साक्ष्य और सीएम हेल्पलाइन 1076: पारदर्शी विवेचना और त्वरित शिकायत निवारण

आधुनिक कानून के अनुरूप पुलिस विवेचकों को ‘ई-साक्ष्य’ प्रणाली का विधिसम्मत प्रशिक्षण दिया गया। इसके तहत डिजिटल साक्ष्यों (जैसे ऑडियो-वीडियो क्लिप्स, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड) के वैज्ञानिक संग्रहण, सुरक्षित संरक्षण, दस्तावेजीकरण और न्यायालयीन साक्ष्य के रूप में उनके सटीक प्रस्तुतीकरण पर विशेष बल दिया गया, ताकि पुलिस की जांच को कोर्ट में अकाट्य बनाया जा सके।

इसके साथ ही, सीएम हेल्पलाइन 1076 के तहत प्राप्त होने वाली जन-शिकायतों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे हर शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर शिकायतकर्ता से सीधा संवाद स्थापित करें। निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपूर्ण निराकरण दर्ज करना अब सभी थाना प्रभारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति आम नागरिकों का भरोसा और मजबूत हो सके।

मिशन वात्सल्य और पीएम राहत योजना: कमजोर वर्गों और बच्चों को सुरक्षा कवच

सत्र के अंतिम चरण में ‘मिशन वात्सल्य’ और ‘प्रधानमंत्री राहत योजना’ के लोक-कल्याणकारी उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। मिशन वात्सल्य पोर्टल के माध्यम से जिले के बेसहारा, गुमशुदा, बालश्रम से त्रस्त या संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की विस्तृत केस हिस्ट्री तत्काल दर्ज की जाएगी, ताकि उन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समन्वय से स्पॉन्सरशिप, शासकीय दत्तक ग्रहण और पुनर्वास योजनाओं का त्वरित लाभ मिल सके।

वहीं, गंभीर अपराधों या सड़क हादसों से प्रभावित पात्र परिवारों को ‘पीएम राहत योजना’ के तहत तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान करने की समयबद्ध प्रक्रियाओं को रेखांकित किया गया। इस वृहद् कार्यशाला के आयोजन से जांजगीर-चांपा पुलिस तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और संवेदनशील होकर जनसेवा के नए प्रतिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर हुई है।

Bollywood actress Sonakshi Sinha: शादी की दूसरी सालगिरह पर रोमांटिक हुए सोनाक्षी-जहीर, बीच से शेयर की खूबसूरत तस्वीरें

Bollywood actress Sonakshi Sinha: मुंबई:  बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और उनके पति जहीर इकबाल इन दिनों रोमांटिक वेकेशन का आनंद ले रहे हैं। हाल ही में दोनों ने अपनी शादी की दूसरी सालगिरह भी साथ में सेलिब्रेट की, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
सोनाक्षी-जहीर का बीच पर रोमांस
Bollywood actress Sonakshi Sinha: सोनाक्षी और जहीर ने अपने वेकेशन की कई खूबसूरत तस्वीरें शेयर की हैं। इनमें दोनों बीच पर एक-दूसरे के साथ खास पल बिताते नजर आ रहे हैं। एक तस्वीर में जहीर, सोनाक्षी को गले लगाकर उनके गाल पर किस करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में सोनाक्षी अपने पति की गोद में बैठकर मुस्कुराती नजर आ रही हैं।
Bollywood actress Sonakshi Sinha: कई तस्वीरों में दोनों एक-दूसरे का हाथ थामे और बाहों में बाहें डाले नजर आ रहे हैं। उनकी मुस्कान और बॉन्डिंग फैंस को काफी पसंद आ रही है। लुक की बात करें तो सोनाक्षी व्हाइट शर्ट और डेनिम शॉर्ट्स में बेहद स्टाइलिश दिखाई दीं। उन्होंने खुले बाल और हल्के मेकअप के साथ अपना बीच लुक पूरा किया। वहीं जहीर भी व्हाइट शर्ट और जींस में उनके साथ ट्विनिंग करते नजर आए।
Bollywood actress Sonakshi Sinha: गौरतलब है कि सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल ने लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद जून 2024 में सादगी से रजिस्टर मैरिज की थी। शादी के दो साल बाद भी दोनों की शानदार केमिस्ट्री और प्यार फैंस का दिल जीत रहा है।

Chhattisgarh Mining: छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान: महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में लार्ज डायमीटर ड्रिलिंग को मंजूरी

Chhattisgarh Mining: रायपुर/महासमुंद। छत्तीसगढ़ की प्रचुर खनिज संपदा को वैश्विक और राष्ट्रीय पटल पर एक नई एवं विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त उपक्रम ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। नई दिल्ली में आयोजित एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (NCL) के निदेशक मंडल की उच्च स्तरीय बैठक में महासमुंद जिले के अंतर्गत आने वाले ‘बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक’ परियोजना के अगले और सबसे महत्वपूर्ण चरण को हरी झंडी दे दी गई है। इस परियोजना के तहत अब क्षेत्र में बड़े व्यास वाली (Large Diameter) ड्रिलिंग शुरू करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है। इस वैज्ञानिक कदम को इस पूरे बेल्ट में हीरे के वास्तविक और व्यावहारिक भंडार का सटीक आकलन करने तथा भविष्य में व्यावसायिक हीरा खनन (Commercial Diamond Mining) का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।

किम्बरलाइट पाइप की हुई पहचान, पन्ना प्लांट में परीक्षण सफल

निदेशक मंडल की इस रणनीतिक बैठक में परियोजना की अब तक की तकनीकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की तय समय-सीमा के भीतर ही सभी उन्नत भू-वैज्ञानिक और तकनीकी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं।

एनसीएल द्वारा इससे पहले की गई स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, अत्याधुनिक भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और लक्षित ड्रिलिंग के माध्यम से क्षेत्र में ‘किम्बरलाइट पाइप’ (वह भू-संरचना जहां प्राकृतिक हीरे पाए जाते हैं) की पुख्ता पहचान की जा चुकी है। इसके बाद, शुरुआती आकलन के लिए इस ब्लॉक से लगभग 200 टन बल्क सैंपल निकाला गया था, जिसका परीक्षण एनएमडीसी के मध्य प्रदेश स्थित प्रसिद्ध ‘पन्ना डायमंड Processing प्लांट’ में किया गया। इस वैज्ञानिक परीक्षण के दौरान 1.22 कैरेट कुल वजन के पांच चमकीले प्राकृतिक हीरे प्राप्त हुए हैं, जिसने इस क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की आधिकारिक और वैज्ञानिक पुष्टि कर दी है।

51:49 का संयुक्त उपक्रम: अब लौह अयस्क से आगे बढ़ेगी कंपनी

एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (NCL) दरअसल भारत सरकार के प्रतिष्ठित उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड (51 प्रतिशत हिस्सेदारी) तथा छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (49 प्रतिशत हिस्सेदारी) का एक संयुक्त उद्यम है। यह कंपनी अब तक मुख्य रूप से राज्य में उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क (Iron Ore) के खनन और परियोजनाओं पर ही केंद्रित रही है। लेकिन महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी में प्राकृतिक हीरों की मौजूदगी की शत-प्रतिशत पुष्टि होने के बाद, अब कंपनी बहु-खनिज विकास (Multi-Mineral Development) की दिशा में अपनी नई रणनीति के तहत तेजी से आगे बढ़ रही है। लार्ज डायमीटर ड्रिलिंग के इस चरण के बाद एक विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर यहां देश की सबसे आधुनिक व्यावसायिक हीरा खदान विकसित करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

वैश्विक देशों जैसा संकेत, बैलाडीला लौह अयस्क परियोजनाओं का भी विस्तार

भू-वैज्ञानिकों और खनिज विशेषज्ञों का मानना है कि बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे दुनिया के शीर्ष हीरा उत्पादक देशों के शुरुआती इतिहास को देखें, तो प्रारंभिक चरण में मिली इस प्रकार की सफलता भविष्य में बहुत बड़े व्यावसायिक भंडार मिलने का स्पष्ट संकेत होती है। यही कारण है कि बलौदा-बेलमुंडी परियोजना को न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे भारत वर्ष के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक खनिज परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।

इस बैठक के दौरान हीरा परियोजना के साथ-साथ राज्य की अन्य प्रमुख लौह अयस्क परियोजनाओं के उत्पादन लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। इसके तहत दंतेवाड़ा स्थित प्रसिद्ध बैलाडीला डिपॉजिट-4 से वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान 10 लाख टन उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है, जिसे आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 70 लाख टन प्रतिवर्ष किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बैलाडीला डिपॉजिट-13 को भी एक करोड़ टन वार्षिक उत्पादन क्षमता के साथ मेगा प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने की दिशा में बुनियादी ढांचे का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता

निदेशक मंडल की बैठक के समापन पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष निदेशक सौरभ सिंह ने उद्योगों के संतुलित विकास और खनिज संसाधनों के विवेकपूर्ण दोहन की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वृहद् हीरा परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक खनन पद्धतियों, जल संरक्षण, प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) तथा स्थानीय ग्रामीण व आदिवासी समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। यह हीरा परियोजना आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को देश के सबसे प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की अग्रिम श्रेणी में मजबूती से स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगी।