Jabalpur Municipal Corporation: जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर के पूर्व विधानसभा क्षेत्र में पेयजल की समस्या ने अब एक विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 15 से 20 दिनों से क्षेत्र के लगभग 7 से 8 वार्डों में बूंद-बूंद पानी के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है। इस भीषण जल संकट से परेशान स्थानीय निवासियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। आंदोलनकारियों ने क्षेत्रीय कांग्रेस पार्षद संजय साहू के नेतृत्व में एकजुट होकर कुली हिल टैंक का घेराव कर दिया और वहां जमकर उग्र प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय नगर निगम प्रशासन और महापौर के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी तीखी नाराजगी व्यक्त की।
परियट जलाशय सूखने से ठप हुई जलापूर्ति, वैकल्पिक इंतजाम फेल
प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का बड़ा आरोप लगाते हुए मामले की हकीकत सामने रखी है। दरअसल, इस कुली हिल टैंक को पहले मुख्य रूप से परियट जलाशय के माध्यम से भरा जाता था। हालांकि, गर्मी और जलस्तर गिरने के कारण परियट जलाशय का पानी पूरी तरह से खत्म हो गया। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन ने समय रहते क्षेत्र में पानी की आपूर्ति बनाए रखने के लिए कोई भी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। यही कारण है कि हजारों की आबादी वाले इस बड़े इलाके में पिछले दो हफ्तों से पानी की सप्लाई पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है।
टैंक को लालपुर नर्मदा जल योजना से जोड़ने की उठी मुख्य मांग
आंदोलनकारियों ने प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाकर अपनी मुख्य मांगों से अवगत कराया। उनकी सबसे प्रमुख मांग है कि कुली हिल टैंक को बिना किसी देरी के तत्काल प्रभाव से लालपुर की ‘नर्मदा जल योजना’ के साथ मुख्य लाइन से जोड़ा जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक इस टैंक को नर्मदा प्रोजेक्ट से स्थाई रूप से कनेक्ट नहीं किया जाता, तब तक क्षेत्र की पीड़ित जनता को नियमित और पर्याप्त मात्रा में पीने का पानी मिलना नामुमकिन है।
चार दिनों का अल्टीमेटम, नगर निगम में होगा ऐतिहासिक आंदोलन
प्रदर्शन के अंतिम चरण में प्रशासनिक अधिकारियों को एक सख्त लहजे में तैयार ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान पार्षद संजय साहू ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि यदि अगले दो से चार दिनों के भीतर इस गंभीर समस्या का कोई स्थाई और तकनीकी समाधान नहीं निकाला गया, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर एक व्यापक और ऐतिहासिक आंदोलन छेड़ने के लिए मजबूर होगी।
इसके साथ ही, उन्होंने नगर सत्ता को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अधिकारियों की नाकामी के कारण आज आम जनता बूंद-बूंद पानी के लिए सड़कों पर उतर आई है। यदि निर्धारित समय-सीमा में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में पूरे नगर निगम मुख्यालय को मटकों से भर दिया जाएगा। इस संभावित मटका फोड़ उग्र प्रदर्शन की संपूर्ण जिम्मेदारी स्थानीय जिला प्रशासन और महापौर की होगी।







