Kukru Ecotourism: कुकरू में अध्यात्म और विकास: सनराइज और बुच पॉइंट पर ध्यान लगाने के साथ ‘मन की बात’ सुनेंगे सीएम

Kukru Ecotourism: बैतूल/भैंसदेही। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील में सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाओं के बीच बसा नैसर्गिक सौंदर्य से भरपूर कुकरू गांव एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में है। सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 और 28 जून को कुकरू गांव के दो दिवसीय विशेष दौरे पर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री अपने इस प्रवास के दौरान न केवल इस खूबसूरत हिल स्टेशन के विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे, बल्कि यहां के प्रसिद्ध सनसेट पॉइंट से ढलते सूरज का दीदार भी करेंगे। इसके साथ ही अगले दिन अलसुबह वे कुकरू के विहंगम सनराइज और बुच पॉइंट पर योग एवं गहरे ध्यान (मेडिटेशन) सत्र में भाग लेंगे। रविवार, 28 जून को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री इसी सुरम्य वादियों के बीच स्थानीय जनजातीय समुदाय के साथ प्रधानमंत्री के लोकप्रिय ‘मन की बात’ कार्यक्रम को भी सुनेंगे।

Mp:सतपुड़ा की वादियों में बसा 'कुकरू' बनेगा मध्यप्रदेश का नया पर्यटन  केंद्र, जानिए क्यों खास है यह हिल स्टेशन - Mp: 'kukru', Nestled In The  Satpura Ranges, Is Set To ...

मानसून में बादलों की छांव और फूलों की घाटी का अहसास

समुद्र तल से लगभग 1,117 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कुकरू गांव अपनी अद्वितीय भौगोलिक स्थिति और प्रकृति के अद्भुत नजारों के लिए विख्यात है। ऊंचाई पर स्थित होने के कारण यहां मानसून और सर्दियों के मौसम में देश के बड़े हिल स्टेशनों जैसा अहसास होता है। जून के इस मानसूनी सीजन में पूरा इलाका घने कोहरे और अपेक्षाकृत बेहद नीचे आ चुके बादलों से घिर जाता है। पहली बौछार के बाद पूरी कुकरू घाटी रंग-बिरंगे प्राकृतिक फूलों की चादर से ढंक जाती है, जो पर्यटकों के लिए अप्रतिम सनराइज और सनसेट का दृश्य पेश करती है। मुख्यमंत्री के इस दौरे से क्षेत्र में ईको-टूरिज्म (Eco-Tourism) को भारी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।Kukru Sunset Point in Khamla,Betul - Best Tourist Attraction near me in  Betul - Justdial

मध्य प्रदेश का एकमात्र ‘कॉफी हब’ है कुकरू, 1944 से जुड़ा है इतिहास

कुकरू गांव का ऐतिहासिक और कृषि महत्व भी बेहद अनूठा है। यह संपूर्ण मध्य प्रदेश का एकमात्र ऐसा स्थान है जहां व्यावसायिक रूप से कॉफी की पैदावार की जाती है। इस अनोखी परंपरा की शुरुआत वर्ष 1944 में विदेशी मूल की महिला मिस फ्लोरेंस हैंड्रिक्स ने यहां कॉफी रोपण करके की थी, जो आज इस क्षेत्र की मुख्य पहचान बन चुकी है। कुकरू की वादियों में बेहद उच्च गुणवत्ता वाली ‘अरेबिका’ (Arabica) किस्म की कॉफी उगाई जाती है और वर्तमान में यहां प्रतिवर्ष लगभग 10 क्विंटल कॉफी का उत्पादन सफलतापूर्ण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री इस ऐतिहासिक रोपण क्षेत्र का भी बारीकी से निरीक्षण करेंगे।Beautiful sunset colours....Bharmour Himachal Pradesh Nov 3rd 2021

‘कुकरू ब्रांड’ से कोदो-कुटकी और डेयरी उत्पादों को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान

राज्य सरकार अब कुकरू को सिर्फ एक पर्यटन स्थल के रूप में ही नहीं, बल्कि एक आत्मनिर्भर आर्थिक मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। कॉफी के अलावा यह क्षेत्र स्थानीय स्तर पर उत्पादित पोषक अनाज कोदो-कुटकी, पारंपरिक रबड़ी, मावा और अन्य शुद्ध डेयरी उत्पादों के लिए बेहद प्रसिद्ध है। जिला प्रशासन और मप्र सरकार संयुक्त रूप से इन उत्पादों को ‘कुकरू ब्रांड’ के नाम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर री-लॉन्च करने की वृहद् योजना पर काम कर रहे हैं। इस कदम से सतपुड़ा अंचल के स्थानीय आदिवासियों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे और छत्तीसगढ़ व महाराष्ट्र की सीमा से लगे इस जनजातीय क्षेत्र को वैश्विक पटल पर एक नई पहचान हासिल होगी।

200MP कैमरा, 7000mAh बैटरी और दमदार फीचर्स के साथ आया Vivo X Fold 6, जानें पूरी डिटेल

Vivo X Fold 6 Launch: Vivo X Fold 6 लॉन्च हो चुका है और कंपनी ने इसे प्रीमियम फोल्डेबल स्मार्टफोन सेगमेंट में पेश किया है। Vivo X Fold 6 लॉन्च के साथ यूजर्स को बड़ी AMOLED डिस्प्ले, 7000mAh की बैटरी, 200MP कैमरा और लेटेस्ट प्रोसेसर जैसे कई शानदार फीचर्स मिलते हैं। फिलहाल यह स्मार्टफोन चीन में लॉन्च किया गया है।

Vivo X Fold 6 लॉन्च के तहत इस फोन में 8.02 इंच की Samsung M14 फोल्डेबल AMOLED इनर डिस्प्ले दी गई है। यह 120Hz रिफ्रेश रेट, 300Hz टच सैंपलिंग रेट और HDR सपोर्ट के साथ आती है। इसके अलावा बाहर की तरफ 6.51 इंच AMOLED कवर डिस्प्ले भी दी गई है, जिससे फोन बंद होने पर भी आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है।

दमदार प्रोसेसर देगा तेज परफॉर्मेंस
Vivo X Fold 6 लॉन्च में कंपनी ने 3nm MediaTek Dimensity 9500 Super ऑक्टा-कोर प्रोसेसर का इस्तेमाल किया है। इसके साथ ARM Mali G1-Ultra GPU दिया गया है, जिससे गेमिंग और मल्टीटास्किंग का अनुभव बेहतर होने का दावा किया गया है। सिक्योरिटी के लिए फोन में साइड फिंगरप्रिंट सेंसर और फेस अनलॉक फीचर भी मिलता है।

200MP कैमरा बना सबसे बड़ा आकर्षण
Vivo X Fold 6 लॉन्च का सबसे बड़ा आकर्षण इसका कैमरा सेटअप है। इसमें Zeiss ट्यून ट्रिपल रियर कैमरा दिया गया है। फोन में 200 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा OIS सपोर्ट के साथ मौजूद है। इसके अलावा 50MP अल्ट्रा-वाइड और 50MP पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा भी मिलता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए अंदर और बाहर दोनों डिस्प्ले पर 20MP कैमरा दिया गया है। यह फोन 8K वीडियो रिकॉर्डिंग को भी सपोर्ट करता है।

7000mAh बैटरी और फास्ट चार्जिंग
Vivo X Fold 6 लॉन्च के साथ कंपनी ने बड़ी 7000mAh बैटरी दी है। यह 80W वायर्ड और 40W वायरलेस फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। लंबे समय तक इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए यह बैटरी बड़ी खास साबित हो सकती है।

कनेक्टिविटी फीचर्स भी शानदार
Vivo X Fold 6 लॉन्च में 5G, Wi-Fi 7, Bluetooth 5.4, GPS, 4G LTE और USB Type-C जैसे आधुनिक कनेक्टिविटी फीचर्स दिए गए हैं। फोन Android 16 आधारित OriginOS 6 Fold पर काम करता है।
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Vivo X Fold 6 की कीमत
Vivo X Fold 6 लॉन्च के तहत इसकी शुरुआती कीमत 7,999 चीनी युआन (करीब ₹1.11 लाख) रखी गई है।

  • 12GB + 256GB – 7,999 Yuan (लगभग ₹1.11 लाख)
  • 12GB + 512GB – 8,999 Yuan (लगभग ₹1.25 लाख)
  • 16GB + 512GB – 10,999 Yuan (लगभग ₹1.53 लाख)
  • 16GB + 1TB – 11,299 Yuan (लगभग ₹1.57 लाख)

फोन को ब्लैक गोल्ड एडिशन सहित कई विकल्पों में पेश किया गया है।

भारत में कब होगा लॉन्च?
Vivo X Fold 6 लॉन्च फिलहाल चीन तक सीमित है। कंपनी ने अभी भारत में इसकी लॉन्च डेट की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। हालांकि, माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसे भारतीय बाजार में भी पेश किया जा सकता है।

Mission Vatsalya: जांजगीर-चांपा में पुलिस का विशेष मंथन: पांच महत्वपूर्ण डिजिटल पोर्टल्स पर दिया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण

Mission Vatsalya: गौरी शंकर गुप्ता/जांजगीर-चांपा। जिला पुलिस मुख्यालय जांजगीर में तकनीक आधारित, पारदर्शी और जनोन्मुखी पुलिसिंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के कुशल निर्देशन में शनिवार, 27 जून 2026 को पुलिस लाइन जांजगीर के सभाकक्ष में एक दिवसीय विशेष तकनीकी कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण में जिले के सभी थाना व चौकी प्रभारियों, विवेचकों, रीडर्स और सीसीटीएनएस (CCTNS) आरक्षकों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला के दौरान पुलिसिंग को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पांच प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स—eDAR, ई-साक्ष्य, पीएम राहत योजना, सीएम हेल्पलाइन 1076 और मिशन वात्सल्य के प्रभावी व विधिसम्मत उपयोग की कूटनीतिक बारीकियां सिखाई गईं।

eDAR पोर्टल: सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को 48 घंटे में मिलेगा डिजिटल न्याय

कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) उदयन बेहार ने eDAR (Electronic Detailed Accident Report) पोर्टल के संबंध में अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अब सड़क हादसों के पीड़ितों को क्लेम और कागजी कार्रवाई के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दुर्घटना के महज 48 घंटे के भीतर संबंधित एफआईआर (FIR), घटनास्थल के फोटो, पंचनामा, और पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट समेत सभी आवश्यक कानूनी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है। यह डेटा सीधे न्यायालय, बीमा कंपनियों और परिवहन विभाग को रियल-टाइम में फॉरवर्ड होगा, जिससे पीड़ित परिवारों को मुआवजा मिलने की समय-सीमा आधी रह जाएगी। एएसपी ने समयबद्ध प्रविष्टि न करने वाले लापरवाह कर्मचारियों पर सीधी जवाबदेही तय करने की कड़ी चेतावनी भी दी।

ई-साक्ष्य और सीएम हेल्पलाइन 1076: पारदर्शी विवेचना और त्वरित शिकायत निवारण

आधुनिक कानून के अनुरूप पुलिस विवेचकों को ‘ई-साक्ष्य’ प्रणाली का विधिसम्मत प्रशिक्षण दिया गया। इसके तहत डिजिटल साक्ष्यों (जैसे ऑडियो-वीडियो क्लिप्स, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड) के वैज्ञानिक संग्रहण, सुरक्षित संरक्षण, दस्तावेजीकरण और न्यायालयीन साक्ष्य के रूप में उनके सटीक प्रस्तुतीकरण पर विशेष बल दिया गया, ताकि पुलिस की जांच को कोर्ट में अकाट्य बनाया जा सके।

इसके साथ ही, सीएम हेल्पलाइन 1076 के तहत प्राप्त होने वाली जन-शिकायतों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे हर शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर शिकायतकर्ता से सीधा संवाद स्थापित करें। निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपूर्ण निराकरण दर्ज करना अब सभी थाना प्रभारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति आम नागरिकों का भरोसा और मजबूत हो सके।

मिशन वात्सल्य और पीएम राहत योजना: कमजोर वर्गों और बच्चों को सुरक्षा कवच

सत्र के अंतिम चरण में ‘मिशन वात्सल्य’ और ‘प्रधानमंत्री राहत योजना’ के लोक-कल्याणकारी उद्देश्यों पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। मिशन वात्सल्य पोर्टल के माध्यम से जिले के बेसहारा, गुमशुदा, बालश्रम से त्रस्त या संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की विस्तृत केस हिस्ट्री तत्काल दर्ज की जाएगी, ताकि उन्हें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समन्वय से स्पॉन्सरशिप, शासकीय दत्तक ग्रहण और पुनर्वास योजनाओं का त्वरित लाभ मिल सके।

वहीं, गंभीर अपराधों या सड़क हादसों से प्रभावित पात्र परिवारों को ‘पीएम राहत योजना’ के तहत तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान करने की समयबद्ध प्रक्रियाओं को रेखांकित किया गया। इस वृहद् कार्यशाला के आयोजन से जांजगीर-चांपा पुलिस तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और संवेदनशील होकर जनसेवा के नए प्रतिमान स्थापित करने की ओर अग्रसर हुई है।

Bollywood actress Sonakshi Sinha: शादी की दूसरी सालगिरह पर रोमांटिक हुए सोनाक्षी-जहीर, बीच से शेयर की खूबसूरत तस्वीरें

Bollywood actress Sonakshi Sinha: मुंबई:  बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और उनके पति जहीर इकबाल इन दिनों रोमांटिक वेकेशन का आनंद ले रहे हैं। हाल ही में दोनों ने अपनी शादी की दूसरी सालगिरह भी साथ में सेलिब्रेट की, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
सोनाक्षी-जहीर का बीच पर रोमांस
Bollywood actress Sonakshi Sinha: सोनाक्षी और जहीर ने अपने वेकेशन की कई खूबसूरत तस्वीरें शेयर की हैं। इनमें दोनों बीच पर एक-दूसरे के साथ खास पल बिताते नजर आ रहे हैं। एक तस्वीर में जहीर, सोनाक्षी को गले लगाकर उनके गाल पर किस करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि दूसरी तस्वीर में सोनाक्षी अपने पति की गोद में बैठकर मुस्कुराती नजर आ रही हैं।
Bollywood actress Sonakshi Sinha: कई तस्वीरों में दोनों एक-दूसरे का हाथ थामे और बाहों में बाहें डाले नजर आ रहे हैं। उनकी मुस्कान और बॉन्डिंग फैंस को काफी पसंद आ रही है। लुक की बात करें तो सोनाक्षी व्हाइट शर्ट और डेनिम शॉर्ट्स में बेहद स्टाइलिश दिखाई दीं। उन्होंने खुले बाल और हल्के मेकअप के साथ अपना बीच लुक पूरा किया। वहीं जहीर भी व्हाइट शर्ट और जींस में उनके साथ ट्विनिंग करते नजर आए।
Bollywood actress Sonakshi Sinha: गौरतलब है कि सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल ने लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद जून 2024 में सादगी से रजिस्टर मैरिज की थी। शादी के दो साल बाद भी दोनों की शानदार केमिस्ट्री और प्यार फैंस का दिल जीत रहा है।

Chhattisgarh Mining: छत्तीसगढ़ को मिलेगी नई पहचान: महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में लार्ज डायमीटर ड्रिलिंग को मंजूरी

Chhattisgarh Mining: रायपुर/महासमुंद। छत्तीसगढ़ की प्रचुर खनिज संपदा को वैश्विक और राष्ट्रीय पटल पर एक नई एवं विशिष्ट पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त उपक्रम ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। नई दिल्ली में आयोजित एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (NCL) के निदेशक मंडल की उच्च स्तरीय बैठक में महासमुंद जिले के अंतर्गत आने वाले ‘बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक’ परियोजना के अगले और सबसे महत्वपूर्ण चरण को हरी झंडी दे दी गई है। इस परियोजना के तहत अब क्षेत्र में बड़े व्यास वाली (Large Diameter) ड्रिलिंग शुरू करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है। इस वैज्ञानिक कदम को इस पूरे बेल्ट में हीरे के वास्तविक और व्यावहारिक भंडार का सटीक आकलन करने तथा भविष्य में व्यावसायिक हीरा खनन (Commercial Diamond Mining) का मार्ग प्रशस्त करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।

किम्बरलाइट पाइप की हुई पहचान, पन्ना प्लांट में परीक्षण सफल

निदेशक मंडल की इस रणनीतिक बैठक में परियोजना की अब तक की तकनीकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की तय समय-सीमा के भीतर ही सभी उन्नत भू-वैज्ञानिक और तकनीकी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं।

एनसीएल द्वारा इससे पहले की गई स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, अत्याधुनिक भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और लक्षित ड्रिलिंग के माध्यम से क्षेत्र में ‘किम्बरलाइट पाइप’ (वह भू-संरचना जहां प्राकृतिक हीरे पाए जाते हैं) की पुख्ता पहचान की जा चुकी है। इसके बाद, शुरुआती आकलन के लिए इस ब्लॉक से लगभग 200 टन बल्क सैंपल निकाला गया था, जिसका परीक्षण एनएमडीसी के मध्य प्रदेश स्थित प्रसिद्ध ‘पन्ना डायमंड Processing प्लांट’ में किया गया। इस वैज्ञानिक परीक्षण के दौरान 1.22 कैरेट कुल वजन के पांच चमकीले प्राकृतिक हीरे प्राप्त हुए हैं, जिसने इस क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की आधिकारिक और वैज्ञानिक पुष्टि कर दी है।

51:49 का संयुक्त उपक्रम: अब लौह अयस्क से आगे बढ़ेगी कंपनी

एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (NCL) दरअसल भारत सरकार के प्रतिष्ठित उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड (51 प्रतिशत हिस्सेदारी) तथा छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (49 प्रतिशत हिस्सेदारी) का एक संयुक्त उद्यम है। यह कंपनी अब तक मुख्य रूप से राज्य में उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क (Iron Ore) के खनन और परियोजनाओं पर ही केंद्रित रही है। लेकिन महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी में प्राकृतिक हीरों की मौजूदगी की शत-प्रतिशत पुष्टि होने के बाद, अब कंपनी बहु-खनिज विकास (Multi-Mineral Development) की दिशा में अपनी नई रणनीति के तहत तेजी से आगे बढ़ रही है। लार्ज डायमीटर ड्रिलिंग के इस चरण के बाद एक विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर यहां देश की सबसे आधुनिक व्यावसायिक हीरा खदान विकसित करने का अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

वैश्विक देशों जैसा संकेत, बैलाडीला लौह अयस्क परियोजनाओं का भी विस्तार

भू-वैज्ञानिकों और खनिज विशेषज्ञों का मानना है कि बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे दुनिया के शीर्ष हीरा उत्पादक देशों के शुरुआती इतिहास को देखें, तो प्रारंभिक चरण में मिली इस प्रकार की सफलता भविष्य में बहुत बड़े व्यावसायिक भंडार मिलने का स्पष्ट संकेत होती है। यही कारण है कि बलौदा-बेलमुंडी परियोजना को न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे भारत वर्ष के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक खनिज परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।

इस बैठक के दौरान हीरा परियोजना के साथ-साथ राज्य की अन्य प्रमुख लौह अयस्क परियोजनाओं के उत्पादन लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। इसके तहत दंतेवाड़ा स्थित प्रसिद्ध बैलाडीला डिपॉजिट-4 से वर्तमान वित्तीय वर्ष के दौरान 10 लाख टन उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया गया है, जिसे आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 70 लाख टन प्रतिवर्ष किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बैलाडीला डिपॉजिट-13 को भी एक करोड़ टन वार्षिक उत्पादन क्षमता के साथ मेगा प्रोजेक्ट के रूप में विकसित करने की दिशा में बुनियादी ढांचे का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।

पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता

निदेशक मंडल की बैठक के समापन पर छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष निदेशक सौरभ सिंह ने उद्योगों के संतुलित विकास और खनिज संसाधनों के विवेकपूर्ण दोहन की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वृहद् हीरा परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक खनन पद्धतियों, जल संरक्षण, प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) तथा स्थानीय ग्रामीण व आदिवासी समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास और रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। यह हीरा परियोजना आने वाले समय में छत्तीसगढ़ को देश के सबसे प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की अग्रिम श्रेणी में मजबूती से स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक साबित होगी।

Chhattisgarh Farmers News: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी राहत, खाद खरीदने की टोकन व्यवस्था खत्म

Chhattisgarh Farmers News: रायपुर:  छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने सहकारी समितियों से खाद खरीदने के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब किसानों को यूरिया, डीएपी (DAP) और अन्य रासायनिक खाद लेने के लिए किसी भी तरह का टोकन या पहले से पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी।
Chhattisgarh Farmers News: कृषि विभाग ने इस संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अब किसानों को खाद उनकी भूमि के रकबे के आधार पर दिया जाएगा, ताकि सभी किसानों को जरूरत के अनुसार खाद मिल सके। साथ ही छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें एक बार में ही आवश्यक मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
Chhattisgarh Farmers News: सरकार का कहना है कि इस खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण किया जा चुका है। इसी वजह से टोकन व्यवस्था खत्म करने का फैसला लिया गया है। पहले खाद की कमी और वितरण को व्यवस्थित रखने के लिए किसानों को तीन चरणों में ई-टोकन के जरिए खाद दिया जाता था।
Chhattisgarh Farmers News: इस मामले में केंद्रीय मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जब प्रदेश में खाद की कमी थी, तब टोकन व्यवस्था लागू की गई थी ताकि सभी किसानों तक खाद पहुंच सके। अब स्थिति सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
Chhattisgarh Farmers News: उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त खाद की व्यवस्था की है। अब किसानों को बार-बार समितियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे एक ही बार में अपनी जरूरत के अनुसार खाद प्राप्त कर सकेंगे।

मौत सामने थी, फिर भी मगरमच्छ के जबड़ों से बच निकला तेंदुआ! वायरल VIDEO देख दंग रह जाएंगे आप

Leopard Escapes Crocodile Viral Video: तेंदुए का वायरल वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक तेंदुआ मौत के बेहद करीब पहुंचने के बाद जिस तरह खुद को बचाता है, उसे देखकर लोग हैरान रह गए हैं। उसकी फुर्ती और तेज रिएक्शन की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।

तेंदुए का वायरल वीडियो दक्षिण अफ्रीका के लायन सैंड्स गेम रिजर्व का बताया जा रहा है। वायरल क्लिप में एक उम्रदराज तेंदुआ नदी के बीच मौजूद पत्थरों पर चलते हुए भोजन की तलाश करता नजर आता है। आसपास सब कुछ सामान्य दिखाई देता है, लेकिन पानी के भीतर एक मगरमच्छ पहले से घात लगाकर बैठा होता है।

अचानक हुआ मगरमच्छ का हमला
तेंदुए का वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही तेंदुआ पानी के किनारे पहुंचता है, मगरमच्छ अचानक पानी से बाहर निकलकर उस पर हमला कर देता है। कुछ पल के लिए ऐसा लगता है कि अब तेंदुआ बच नहीं पाएगा।लेकिन अगले ही सेकंड तेंदुआ इतनी तेज छलांग लगाता है कि मगरमच्छ उसे पकड़ नहीं पाता।

हवा में उड़ता दिखा तेंदुआ
तेंदुए का वायरल वीडियो की सबसे खास बात उसकी अविश्वसनीय छलांग है। तेंदुआ एक चट्टान से दूसरी चट्टान पर इतनी तेजी से कूदता है कि देखने वालों को वह हवा में उड़ता हुआ नजर आता है। वीडियो के स्लो मोशन हिस्से ने इस रोमांच को और भी खास बना दिया है।

सोशल मीडिया पर छाया वीडियो
तेंदुए का वायरल वीडियो इंस्टाग्राम पर @latestkruger नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। वीडियो को लाखों लोग देख चुके हैं और हजारों यूजर्स इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।कई लोगों ने इसे जंगल का सबसे रोमांचक पल बताया है।

यूजर्स ने कहा- ये तो सुपरमैन है
तेंदुए का वायरल वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने तेंदुए की फुर्ती की जमकर तारीफ की। एक यूजर ने लिखा कि उम्रदराज होने के बावजूद तेंदुए की रिएक्शन स्पीड कमाल की है।एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि तेंदुए ने बचने के साथ-साथ मगरमच्छ को थप्पड़ भी जड़ दिए और फिर रॉकेट की तरह उड़ गया। कई लोगों ने उसे “जंगल का सुपरमैन” भी कहा।

जंगल की दुनिया का रोमांच
विशेषज्ञ मानते हैं कि तेंदुआ अपनी तेज रफ्तार, संतुलन और फुर्ती के लिए जाना जाता है। यही वजह है कि मुश्किल हालात में भी वह तेजी से प्रतिक्रिया देकर खुद को बचाने में सक्षम होता है।इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर जंगल के शिकारी जीवों की अद्भुत क्षमता को दुनिया के सामने ला दिया है।

Ujjain Simhastha 2028: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एलान: दुनिया का सबसे सुव्यवस्थित धार्मिक आयोजन बनेगा सिंहस्थ-2028

Ujjain Simhastha 2028: उज्जैन। धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी उज्जैन में आगामी सिंहस्थ-2028 को ऐतिहासिक, भव्य और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने अभी से अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस बार के महाकुंभ में संभावित 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की विशाल चुनौती को देखते हुए प्रशासन ने एक बेहद अनूठी और व्यावहारिक पहल की है। सिंहस्थ-2028 की व्यवस्थाओं को अभेद्य बनाने के लिए अब आधुनिक तकनीक के साथ-साथ पुराने अनुभवों का सहारा लिया जा रहा है। इसी कड़ी में, वर्ष 2016 के सिंहस्थ का बेहद सफल संचालन कर चुके वरिष्ठ और सेवानिवृत्त अधिकारियों के अनुभवों के आधार पर एक वृहद् और त्रिस्तरीय मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है

अनुभव और तकनीक के समन्वय से बनेगी नई कार्ययोजना

प्रयागराज महाकुंभ में उम्मीद से कई गुना अधिक पहुंचे श्रद्धालुओं के आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए सिंहस्थ मेला अधिकारी एवं संभागायुक्त आशीष सिंह की विशेष पहल पर उज्जैन में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य आगामी आयोजन में भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा को चाक-चौबंद करना था। बैठक में वर्तमान प्रशासनिक अमले ने पुराने अधिकारियों के साथ बैठकर उन व्यावहारिक दिक्कतों और समाधानों पर चर्चा की, जो केवल मैदानी स्तर पर ही समझी जा सकती हैं

2016 के सारथियों ने साझा किए भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के गुर

इस विशेष मंथन कार्यशाला में वर्ष 2016 के सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान मुख्य कमान संभालने वाले तत्कालीन संभागायुक्त रवींद्र पस्तौर, तत्कालीन कलेक्टर कविंद्र कियावत और तत्कालीन एसपी मनोहर सिंह वर्मा ने शिरकत की। उनके साथ ही वरिष्ठ अधिकारी नरेंद्र सूर्यवंशी, अवधेश शर्मा, सुजान सिंह रावत और रोहन सक्सेना भी इस विमर्श का हिस्सा बने। इन अनुभवी अधिकारियों ने वर्तमान कलेक्टर रौशन कुमार सिंह और उनकी टीम को भीड़ प्रबंधन (क्रैड मैनेजमेंट), पार्किंग व ट्रैफिक रूटिंग, त्वरित आपदा प्रबंधन, शहर की स्वच्छता और भीषण गर्मी के दौरान श्रद्धालुओं को दी जाने वाली बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई अमूल्य और व्यावहारिक सुझाव दिए

दुनिया का सबसे बेहतर धार्मिक आयोजन बनेगा सिंहस्थ: मुख्यमंत्री

इस रणनीतिक तैयारी को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सिंहस्थ-2028 को वैश्विक पटल पर दुनिया के सबसे सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त धार्मिक आयोजनों में शामिल करने के लिए सरकार बजट और संसाधनों की कोई कमी नहीं होने देगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, पूर्व अधिकारियों के जमीनी तजुर्बे और वर्तमान दौर की नई एआई (AI) व डिजिटल तकनीक का यह अद्भुत समन्वय आने वाले सिंहस्थ को पूरी तरह से सुरक्षित और सुगम बनाएगा। कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने भी आश्वस्त किया है कि इस कार्यशाला के निष्कर्षों को शामिल कर बहुत जल्द एक अत्याधुनिक और प्रभावी एक्शन प्लान धरातल पर उतारा जाएगा

TVS NTORQ 125: TVS NTORQ 125 Disc वेरिएंट हुआ नए अवतार में लॉन्च, मिले नए कलर और स्पोर्टी ग्राफिक्स, कीमत ₹82,500 से शुरू

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TVS NTORQ 125: ऑटो डेस्क। देश की प्रमुख दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी TVS Motor ने अपने लोकप्रिय स्पोर्टी स्कूटर TVS NTORQ 125 के Disc वेरिएंट को नए कॉस्मेटिक अपडेट के साथ बाजार में लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने स्कूटर के डिजाइन को और आकर्षक बनाने के लिए नए कलर ऑप्शन और फ्रेश ग्राफिक्स दिए हैं। हालांकि, इंजन और मैकेनिकल स्पेसिफिकेशन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह अपडेट खासतौर पर युवाओं को ध्यान में रखते हुए पेश किया गया है।
नई कीमत क्या है?
TVS NTORQ 125:  नई TVS NTORQ 125 Disc की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत ₹82,500 (दिल्ली) रखी गई है। वहीं Race Edition की शुरुआती कीमत ₹87,950 है। कंपनी ने इन कीमतों को शुरुआती (Introductory) कीमत बताया है।

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मिले नए कलर ऑप्शन
TVS ने Disc वेरिएंट में दो नए आकर्षक रंग शामिल किए हैं—
Midnight Black
Spiti White
इसके अलावा पहले से मौजूद Nardo Grey कलर को नए और शार्प ग्राफिक्स के साथ अपडेट किया गया है, जिससे स्कूटर पहले से ज्यादा स्पोर्टी और प्रीमियम नजर आता है।
Race Edition में भी बदलाव
TVS NTORQ 125:  कंपनी ने केवल Disc वेरिएंट ही नहीं, बल्कि Race Edition को भी नए रंगों के साथ पेश किया है। इसमें Drift Blue, Inferno Red और Rush Green जैसे नए कलर दिए गए हैं। इन रंगों के साथ कलर्ड अलॉय व्हील्स भी दिए गए हैं, जो स्कूटर के स्पोर्टी लुक को और बेहतर बनाते हैं।

इंजन में नहीं हुआ कोई बदलाव
TVS NTORQ 125: कॉस्मेटिक अपडेट के बावजूद स्कूटर का इंजन पहले जैसा ही रखा गया है। इसमें 124.8cc का सिंगल-सिलेंडर, एयर-कूल्ड, फ्यूल-इंजेक्टेड इंजन मिलता है, जो 9.4 PS की पावर और 10.6 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन CVT ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन से लैस है।
फीचर्स पहले जैसे ही दमदार

नई TVS NTORQ 125 में फीचर्स के मामले में कोई कटौती नहीं की गई है। इसमें पहले की तरह—
TVS NTORQ 125:  SmartXonnect Bluetooth Connectivity
फुली डिजिटल LCD इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर
कॉल और SMS अलर्ट
टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन
पार्किंग लोकेशन असिस्ट
USB चार्जिंग सपोर्ट (वेरिएंट के अनुसार)
इंजन किल स्विच
एक्सटर्नल फ्यूल फिलर कैप
जैसे आधुनिक फीचर्स मिलते हैं। कंपनी ने अब डिजिटल इंस्ट्रूमेंट कंसोल को सभी NTORQ वेरिएंट में स्टैंडर्ड कर दिया है।

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युवाओं को लुभाने की तैयारी
TVS NTORQ 125:  TVS NTORQ 125 भारतीय बाजार में लंबे समय से युवाओं की पसंदीदा स्पोर्टी स्कूटरों में शामिल रही है। कंपनी का मानना है कि नए रंग और ग्राफिक्स स्कूटर की स्टाइलिंग को और बेहतर बनाएंगे तथा त्योहारी सीजन से पहले ग्राहकों को आकर्षित करेंगे। हालांकि प्रदर्शन और फीचर्स पहले जैसे ही रखे गए हैं, इसलिए जिन ग्राहकों को नए लुक वाला स्पोर्टी स्कूटर चाहिए, उनके लिए यह अपडेट एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

MPEB_Khandwa: मेंटेनेंस की खुली पोल: पहली आंधी-बारिश में महादेवी नगर और राजेंद्र नगर की बत्ती हुई पूरी तरह गुल

MPEB_Khandwa: खंडवा। खंडवा जिले में मानसून के आगमन के साथ ही पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के दावों और मेंटेनेंस की पूरी तरह से पोल खुल गई है। मानसून पूर्व मेंटेनेंस के नाम पर घंटों की जाने वाली कटौती के बावजूद, पहली ही आंधी और बारिश ने शहर के कई इलाकों की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर दिया है। इससे नाराज और त्रस्त न्यू राजेंद्र नगर, लोहारी नाका और महादेवी नगर क्षेत्र की दर्जनों महिलाओं का गुस्सा शनिवार को फुट पड़ा। पिछले 5 से 6 दिनों से लगातार अंधेरे में जीवन-यापन करने को मजबूर आक्रोशित महिलाएं एकजुट होकर कहारवाड़ी (मछली बाजार) स्थित एमपीईबी (MPEB) के मुख्य उपकेंद्र पर पहुंच गईं और वहां जमकर हंगामा किया। महिलाओं के उग्र रूप को देखकर दफ्तर में मौजूद बिजली कर्मचारी और अधिकारी अपनी कुर्सियां छोड़कर मौके से भाग खड़े हुए

शिकायत नंबर ठप, टेलीफोन का रिसीवर नीचे रखने का आरोप

विद्युत कार्यालय का घेराव करने पहुंची महिलाओं ने बिजली कंपनी के मैदानी कर्मचारियों और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि बिजली गुल होने की शिकायत दर्ज कराने के लिए सरकार और कंपनी द्वारा जो आधिकारिक टेलीफोन नंबर जारी किए गए हैं, उन पर कभी कॉल ही नहीं लगता। दफ्तर के अंदर बैठे कर्मचारी उपभोक्ताओं के फोन से बचने के लिए टेलीफोन का रिसीवर हमेशा नीचे उठाकर रख देते हैं। जब क्षेत्र के लोग परेशान होकर व्यक्तिगत रूप से शिकायत करने दफ्तर पहुंचे, तो कर्मचारी अंदर से दरवाजा बंद करके बैठ गए और बाहर खड़ी जनता की सुनने तक को तैयार नहीं हुए

दफ्तर के दरवाजे पर मारी लात, मीटरों के कटआउट उखाड़े

कर्मचारियों की इस संवेदनहीनता को देखकर महिलाओं का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। गुस्साए उपभोक्ताओं ने बंद दफ्तर के दरवाजे पर जमकर लात मारी और खिड़कियों को ठोकते हुए सीधे तौर पर बिजली चालू करने की मांग की। इतने पर भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो महिलाओं ने कहारवाड़ी दफ्तर के परिसर में लगे मीटर बोर्ड और मुख्य ग्रिड के कटआउट (फ्यूज) अपने हाथों से बाहर निकाल लिए। पीड़ित महिलाओं का कहना था कि आंधी-तूफान के कारण पूरा शहर प्रभावित हुआ था, लेकिन महज कुछ ही घंटों के भीतर बाकी पूरे शहर की विद्युत सप्लाई बहाल कर दी गई, जबकि उनके वार्डों को पिछले 6 दिनों से जानबूझकर भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है

अंधेरे में सांप और बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का बना हुआ है खतरा

घेराव में शामिल स्थानीय निवासी आरती पटेल और सपना ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि आंधी-तूफान के बाद से ही उनके क्षेत्र की बत्ती पूरी तरह गुल है। उन्होंने सोचा था कि एक-दो दिन में लाइन ठीक हो जाएगी, लेकिन छह दिन बीत जाने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने दर्द बयां करते हुए कहा:

“इतने दिनों से हम और हमारे छोटे-छोटे बच्चे उमस और घनघोर अंधेरे में रातें काट रहे हैं। बारिश का मौसम शुरू हो चुका है, ऐसे में लाइट न होने की वजह से घरों और गलियों में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीवों का खतरा हर समय सिर पर मंडराता रहता है। हमें प्रशासनिक आश्वासन नहीं, बल्कि तत्काल प्रभाव से बिजली सप्लाई चाहिए।”

इस भारी हंगामे और अधिकारियों के भाग खड़े होने के बाद अब स्थानीय पुलिस और बिजली कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधन को मामले की जानकारी दी गई है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रभावित क्षेत्रों में मरम्मत कार्य शुरू कराया जा सके