Chhattisgarh Farmers News: रायपुर: छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने सहकारी समितियों से खाद खरीदने के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब किसानों को यूरिया, डीएपी (DAP) और अन्य रासायनिक खाद लेने के लिए किसी भी तरह का टोकन या पहले से पंजीकरण कराने की जरूरत नहीं होगी।
Chhattisgarh Farmers News: कृषि विभाग ने इस संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अब किसानों को खाद उनकी भूमि के रकबे के आधार पर दिया जाएगा, ताकि सभी किसानों को जरूरत के अनुसार खाद मिल सके। साथ ही छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता देते हुए उन्हें एक बार में ही आवश्यक मात्रा में खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
Chhattisgarh Farmers News: सरकार का कहना है कि इस खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद का भंडारण किया जा चुका है। इसी वजह से टोकन व्यवस्था खत्म करने का फैसला लिया गया है। पहले खाद की कमी और वितरण को व्यवस्थित रखने के लिए किसानों को तीन चरणों में ई-टोकन के जरिए खाद दिया जाता था।
Chhattisgarh Farmers News: इस मामले में केंद्रीय मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जब प्रदेश में खाद की कमी थी, तब टोकन व्यवस्था लागू की गई थी ताकि सभी किसानों तक खाद पहुंच सके। अब स्थिति सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
Chhattisgarh Farmers News: उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त खाद की व्यवस्था की है। अब किसानों को बार-बार समितियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और वे एक ही बार में अपनी जरूरत के अनुसार खाद प्राप्त कर सकेंगे।







