[Nishaanebaz News] Indore Land Dispute: इंदौर। इंदौर के लिम्बोदी क्षेत्र में 7000 वर्गफीट पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद सामने आया है। सोमवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक महिला ने अपनी जमीन पर कथित कब्जे और धोखाधड़ी की शिकायत करते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा से न्याय की गुहार लगाई। महिला का आरोप है कि उनकी पुश्तैनी जमीन के एक हिस्से पर गांव के कुछ लोगों ने मंदिर का निर्माण कर दिया है और अब उन्हें अपनी जमीन पर जाने से भी रोका जा रहा है।
महिला ने आरोप लगाया कि जब भी वह जमीन पर कब्जा लेने या अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचती हैं, तो कुछ लोग भीड़ इकट्ठी कर कार्रवाई में बाधा डालते हैं। हालांकि, महिला की ओर से लगाए गए इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
7000 वर्गफीट जमीन पर मंदिर बनाने का आरोप
जनसुनवाई में महिला ने कलेक्टर को बताया कि लिम्बोदी, खंडवा रोड क्षेत्र में उनकी करीब 7000 वर्गफीट पुश्तैनी जमीन है। उनका दावा है कि जमीन के बीच में गांव के कुछ लोगों ने करीब 20 सेंटर क्षेत्र में मंदिर का निर्माण कर दिया है।
महिला का कहना है कि मंदिर निर्माण के लिए उनकी अनुमति नहीं ली गई और संबंधित लोगों का जमीन पर कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने प्रशासन से अपनी जमीन का सीमांकन कराकर कब्जा दिलाने की मांग की है।
जमीन पर जाने से रोकने का भी लगाया आरोप
Indore Land Dispute: पीड़ित महिला के मुताबिक, जब वह अपनी जमीन पर जाती हैं तो कुछ लोग एकत्र होकर उन्हें वहां जाने से रोकते हैं। महिला ने कमल नागर, उनके बेटे, दशरथ राठौर और कृष्णा एवेन्यू कॉलोनी के कुछ लोगों के नाम लेते हुए आरोप लगाया कि उनके द्वारा भीड़ इकट्ठी कर कार्रवाई में बाधा डाली जाती है।महिला ने प्रशासन को यह भी बताया कि अधिकारियों के साथ जमीन पर कार्रवाई के लिए पहुंचने पर भी कथित तौर पर उन्हें रोकने की कोशिश की जाती है।
राजनीतिक दबाव से कार्रवाई रुकवाने का आरोप
Indore Land Dispute: महिला ने जनसुनवाई में कुछ राजनीतिक प्रभाव का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि जब अधिकारी जमीन पर कार्रवाई के लिए पहुंचते हैं तो कथित तौर पर भाजपा के बड़े नेताओं को फोन लगाकर कार्रवाई रुकवाने की कोशिश की जाती है।
महिला ने बताया कि उन्होंने इस मामले में विधायक मधु वर्मा से भी मुलाकात की थी। उनके अनुसार, विधायक ने जमीन दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में उनकी मुलाकात नहीं हो सकी। महिला ने यह भी कहा कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि कार्रवाई रुकवाने के लिए फोन विधायक के यहां से करवाए जा रहे हैं, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी उनके पास पुख्ता जानकारी नहीं है।
कलेक्टर ने जांच के दिए निर्देश
मामला जनसुनवाई में पहुंचने के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को जांच के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने कहा कि महिला का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच कराई जा रही है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जमीन के स्वामित्व, कब्जे और मंदिर निर्माण से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट होगी।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
Indore Land Dispute: फिलहाल यह मामला जमीन के स्वामित्व और कथित कब्जे को लेकर शिकायत के स्तर पर है। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक जांच होना बाकी है। अब प्रशासन द्वारा जमीन के दस्तावेज, रिकॉर्ड, सीमांकन और मौके की स्थिति की जांच की जाएगी।
यदि जांच में महिला का दावा सही पाया जाता है और जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि होती है, तो प्रशासन नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है। फिलहाल पीड़ित महिला को कलेक्टर की जांच और कार्रवाई के आश्वासन का इंतजार है।

