Sakti Paddy Procurement Scam: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में सामने आए सक्ती धान खरीदी घोटाले का मामला लगातार नया मोड़ ले रहा है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की धान खरीदी में गड़बड़ी के आरोपों के बीच पुलिस ने संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई को गिरफ्तार किया है। वहीं, गिरफ्तारी से पहले सामने आए एक वायरल वीडियो ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।
सक्ती धान खरीदी घोटाले की शुरुआत धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी की शिकायतों से हुई थी। मामला समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के दौरान का है। प्रशासन को 24 नवंबर 2025 को सूचना मिली थी कि पुटीडीह धान खरीदी केंद्र में रात के समय धान की बोरियों में मिट्टी मिलाई जा रही है।सूचना मिलने के बाद जिला पंचायत सीईओ की टीम देर रात खरीदी केंद्र पहुंची थी। धान खरीदी घोटाले की जांच के दौरान मौके पर कई तरह की अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया।
जांच में 4200 क्विंटल धान की कमी का दावा
प्रशासनिक जांच में केंद्र पर करीब 4200 क्विंटल धान की कमी मिलने की बात सामने आई थी। आरोप था कि इस कमी को पूरा करने के लिए धान की बोरियों में मिट्टी मिलाकर उन्हें आगे भेजने की तैयारी की जा रही थी।सक्ती धान खरीदी घोटाले में सामने आई इस कमी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी थी। जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे।
पहले एक नाम पर हुई थी कार्रवाई
शुरुआती कार्रवाई में खरीदी केंद्र प्रभारी प्रकाश महंत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, बाद की जांच में अन्य लोगों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे।धान खरीदी घोटाले की जांच आगे बढ़ने के साथ संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत, कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई की भूमिका भी जांच के दायरे में आई।
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मई में तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
सहकारिता विभाग की ओर से 29 मई 2026 को जारी पत्र में संस्था प्रबंधक शशिकांत महंत, कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य और प्राधिकृत अधिकारी श्यामा बाई के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए थे।सक्ती धान खरीदी घोटाले में इसी कार्रवाई के बाद पुलिस की जांच और तेज हुई। इसके बाद डभरा पुलिस ने 11 अगस्त 2026 को शशिकांत महंत और श्यामा बाई को गिरफ्तार कर लिया।
वायरल वीडियो से अचानक बढ़ गया विवाद
मामले में नया मोड़ उस समय आया जब आरोपी शशिकांत महंत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में वह सक्ती कलेक्टर अमृत विकास तोपनो पर टॉयलेट साफ कराने का आरोप लगाते हुए नजर आया।धान खरीदी घोटाले के वायरल वीडियो के सामने आने के बाद यह मामला केवल वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं रहा। कलेक्टर पर लगाए गए आरोपों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई।
कलेक्टर ने आरोपों को बताया बचने की कोशिश
कलेक्टर की ओर से आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया है कि शशिकांत महंत धान खरीदी मामले में आरोपी है और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। कलेक्टर के मुताबिक, कार्रवाई से बचने और उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।हालांकि, सक्ती धान खरीदी घोटाले से जुड़े वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की पूरी सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है।
अब आगे किस पर होगी कार्रवाई?
इस मामले में शशिकांत महंत और श्यामा बाई की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, कंप्यूटर ऑपरेटर द्रोण प्रताप शांडिल्य के खिलाफ कार्रवाई की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और उसके फरार होने की जानकारी सामने आई है।धान खरीदी घोटाले की जांच में अब पुलिस और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी। खास तौर पर 4200 क्विंटल धान की कमी, कथित मिट्टी मिलाने और पूरे मामले में अलग-अलग लोगों की भूमिका को लेकर जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

