world AIDS Day : छुईखदान। माननीय अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, राजनांदगांव, श्री विजय कुमार होता के मार्गदर्शन में विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान में एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर तालुक विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष/न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, छुईखदान, श्री ईशान व्यास के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता और कानूनी प्रावधान
शिविर में पीएलवी (पैरा लीगल वॉलंटियर) श्री सनील कुमार ने उपस्थित लोगों को एचआईवी और एड्स के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहला विश्व एड्स दिवस 1988 में मनाया गया था, जिसका उद्देश्य एचआईवी के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रभावित लोगों को सम्मान देना है।
world AIDS Day : पीएलवी श्री कुमार ने एचआईवी से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों पर विशेष बल दिया:
- एचआईवी एक्ट, 2017: इस अधिनियम के अंतर्गत, किसी भी एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जा सकता है।
- रोजगार सुरक्षा: एचआईवी पॉजिटिव होने के कारण किसी भी व्यक्ति को नौकरी से नहीं निकाला जा सकता है।
- आर्थिक सहायता: भारत सरकार द्वारा सभी एचआईवी पॉजिटिव व्यक्तियों को नियमित रूप से दवा दिए जाने की व्यवस्था है और उन्हें प्रत्येक माह पेंशन के तौर पर आर्थिक सहायता दिए जाने का भी प्रावधान है।
world AIDS Day : नालसा की योजनाएँ और आगामी लोक अदालत
श्री सनील कुमार ने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा संचालित योजनाओं, जैसे नालसा (तस्करी और वाणिज्य यौन शोषण पीड़ितों के लिए विधिक सेवा) योजना 2015 और एसिड हमले के पीड़ितों के लिए विधिक सेवा) योजना 2016 के संबंध में भी जानकारी दी।
उन्होंने आगामी नेशनल लोक अदालत की सूचना देते हुए बताया कि इसका आयोजन 13 दिसंबर 2025 को किया जाएगा। लोगों से अपील की गई कि वे राजीनामा योग्य मामलों को आपसी सहमति और भाईचारे से जल्द से जल्द निराकरण कराएँ, क्योंकि लोक अदालत में “न किसी की जीत होती है और न किसी की हार”। निशुल्क कानूनी सलाह के लिए उन्होंने नालसा की हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क करने की भी जानकारी दी।
शिविर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान के डॉक्टर हसन, नर्स, स्टाफ, और थाना छुईखदान की पुलिस भी उपस्थित रही।













