सोलापुर : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP नेता अजित पवार उस समय विवादों में घिर गए जब उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में वे कथित तौर पर सोलापुर के कुर्दु गांव में अवैध मुर्रम खनन के मामले में महिला आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा से सख़्त लहजे में बात करते नजर आए।
Read News : CG News : खरोरा पुलिस ने दो युवकों को किया गिरफ्तार, 32 लीटर अवैध शराब और जुपिटर स्कूटी जब्त
अजित पवार ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद कानून में हस्तक्षेप करना नहीं था, बल्कि स्थिति को शांत रखना था। उन्होंने कहा कि वे पुलिस और अधिकारियों, खासकर महिला अधिकारियों का सम्मान करते हैं और कानून के शासन को सर्वोपरि मानते हैं। पवार ने यह भी कहा कि अवैध रेत और मुर्रम खनन पर सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए और वे पारदर्शी शासन के लिए प्रतिबद्ध हैं।
एनसीपी नेताओं ने अजित पवार का बचाव करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। पार्टी प्रवक्ता ने बताया कि पवार केवल कार्यकर्ताओं की शिकायत सुनकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे थे। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी अजित पवार का समर्थन किया और कहा कि इसे विवाद नहीं बनाया जाना चाहिए।
यह घटना दो दिन पहले सोलापुर के कुर्दु गांव में हुई थी, जब SDPO अंजना कृष्णा अवैध मुर्रम उत्खनन की शिकायतों पर कार्रवाई करने पहुंची थीं। ग्रामीणों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं ने अजित पवार को घटना की जानकारी दी।











