Vaishya Samaj Protest : सिंगरौली (मोरवा): सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र में भाजपा मंडल अध्यक्ष द्वारा एक व्यक्ति की बेरहमी से पिटाई किए जाने का मामला अब राजनीतिक और सामाजिक विवाद बन चुका है। पीड़ित परिवार और वैश्य समाज का आरोप है कि सत्ता के दबाव में पुलिस ने शुरुआत में मामला दबाने की कोशिश की और बाद में जो एफआईआर दर्ज की, वह महज एक ‘कागजी खानापूर्ति’ है।
मामले के मुख्य बिंदु और वैश्य समाज का आक्रोश:
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लचर कानूनी कार्रवाई: वैश्य समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि आरोपी मंडल अध्यक्ष के खिलाफ गंभीर धाराएं नहीं जोड़ी गई हैं और न ही उसकी गिरफ्तारी हुई है।
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भाजपा कार्यालय में प्रदर्शन: समाज के लोगों ने जिला भाजपा कार्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपी मंडल अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग करते हुए “मुर्दाबाद” के नारे लगाए।
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एसपी को अल्टीमेटम: पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि 5 जनवरी तक मामले में कड़ी धाराएं नहीं जोड़ी गईं और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे एसपी कार्यालय का उग्र घेराव करेंगे।
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पुलिस का टालमटोल: जब इस संवेदनशील मामले पर जिला पुलिस अधीक्षक से प्रतिक्रिया लेनी चाही गई, तो उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए मीडिया को सीएसपी (CSP) से बात करने की सलाह दी।
मामले को लेकर कांग्रेस ने भी सरकार को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता भास्कर मिश्रा ने इसे भाजपा की ‘सबका साथ, सबका विकास’ नीति का खोखलापन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पदाधिकारियों में सत्ता का अहंकार इस कदर बढ़ गया है कि वे आम जनता के साथ गुंडों जैसा व्यवहार कर रहे हैं।











