निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चर्चा है कि नवरात्रि के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी कैबिनेट का विस्तार कर सकते हैं। वर्तमान में योगी सरकार में 52 मंत्री हैं, जबकि 8 पद अभी भी खाली हैं, जिन पर नए चेहरों को मौका मिल सकता है।
दिल्ली बैठक के बाद बढ़ीं अटकलें
हाल ही में उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की दिल्ली में हुई मुलाकात के बाद इन अटकलों को और बल मिला है। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में नए मंत्रियों के चयन, क्षेत्रीय संतुलन और संभावित तीसरे डिप्टी सीएम जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
सपा के बागियों को मिल सकता है मौका
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस विस्तार में समाजवादी पार्टी के बागी नेताओं को भी जगह मिल सकती है। मनोज पांडे और पूजा पाल के नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं। इसके अलावा आकाश सक्सेना और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
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कुछ मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी
कैबिनेट विस्तार के साथ-साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों को हटाए जाने या संगठन में भेजे जाने की भी चर्चा है। वहीं, कुछ नेताओं को राष्ट्रीय राजनीति में जिम्मेदारी दी जा सकती है, जिससे पार्टी में नए समीकरण बन सकते हैं।
संगठन में भी बदलाव के संकेत
सिर्फ सरकार ही नहीं, बल्कि बीजेपी संगठन में भी बदलाव की संभावनाएं जताई जा रही हैं। महिला मोर्चा, युवा मोर्चा और अन्य संगठनात्मक इकाइयों में नए चेहरों को जिम्मेदारी दी जा सकती है। क्षेत्रीय अध्यक्षों में भी फेरबदल की चर्चा है।
संघ की भूमिका भी अहम
आरएसएस के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार का लखनऊ दौरा भी इस संदर्भ में अहम माना जा रहा है। वे बीजेपी कोर ग्रुप के साथ बैठक कर संगठन और सरकार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सकते हैं।अब सभी की नजर इस बात पर है कि नवरात्रि के दौरान कैबिनेट विस्तार होता है या नहीं। अगर ऐसा होता है, तो यह यूपी की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है और आगामी चुनावों की दिशा तय कर सकता है।











