ऊर्जा संकट के बीच मोदी सरकार के सख्त आदेश- अब हर तेल-गैस कंपनियां बताएगी अपना डेटा

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निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब भारत में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। खासतौर पर LNG और नेचुरल गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।

Essential Commodities Act के तहत सख्त आदेश

सरकार ने Essential Commodities Act, 1955 की धारा 3 के तहत आदेश जारी करते हुए सभी पेट्रोलियम और नेचुरल गैस कंपनियों को विस्तृत जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। ‘Petroleum Planning & Analysis Cell (PPAC)’ को यह डेटा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा।इस आदेश के तहत सरकारी और निजी दोनों तरह की कंपनियां शामिल हैं, और कोई भी कंपनी जानकारी देने से इंकार नहीं कर सकती।

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सरकार को मिलेगा पूरा डेटा

अब कंपनियों को उत्पादन, आयात, निर्यात, स्टॉक, भंडारण, परिवहन, आपूर्ति और खपत से जुड़ी पूरी जानकारी साझा करनी होगी।इसमें यह भी शामिल होगा कि कितना तेल और गैस तैयार हो रहा है, कितना आयात किया जा रहा है, कितना स्टॉक उपलब्ध है और किस क्षेत्र में कितनी सप्लाई दी जा रही है।

सप्लाई मैनेजमेंट होगा मजबूत

सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि ऊर्जा क्षेत्र का पूरा डेटा उसके पास उपलब्ध रहे, ताकि संकट के समय तुरंत फैसले लिए जा सकें। इससे जरूरत के अनुसार सप्लाई को नियंत्रित करना आसान होगा और किसी भी संभावित कमी से निपटा जा सकेगा।

वैश्विक संकट के बीच एहतियाती कदम

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। ऐसे में भारत ने यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया है, ताकि देश में तेल और गैस की उपलब्धता बनी रहे और आम जनता पर इसका असर कम से कम पड़े।

 

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