नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अपना नौवां केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में करीब 7 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि का संकेत दिया गया है। बजट में रोजगार योजनाओं के विस्तार, पूंजीगत निवेश और सेवा क्षेत्र को नई गति देने पर विशेष जोर दिया गया है।
सेवा क्षेत्र को मिलेगा नया बल
वित्त मंत्री ने कहा कि युवा भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सेवा क्षेत्र को फिर से मजबूती दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक सेवा क्षेत्र में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुंचे। शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता तक की यात्रा को मजबूत करने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति गठित की जाएगी, जो विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर काम करेगी।
बॉन्ड मार्केट और वित्तीय सुधार
बजट में ₹1,000 करोड़ से अधिक के एकल बॉन्ड पर ₹100 करोड़ के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही कॉरपोरेट बॉन्ड्स पर पूर्ण रिटर्न स्वैप और बड़े शहरों में उच्च मूल्य के म्युनिसिपल बॉन्ड को बढ़ावा देने की घोषणा की गई।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड खर्च
सरकार ने 2026-27 में ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत खर्च का प्रस्ताव रखा है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रा को मजबूत किया जाएगा। आंशिक लोन गारंटी के लिए इंफ्रा रिस्क गारंटी फंड की स्थापना की जाएगी और REITs के जरिए रियल एस्टेट परिसंपत्तियों की रीसाइक्लिंग होगी।
7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा
देश में शहरों के बीच विकास सेतु के रूप में 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें दिल्ली-वाराणसी, वाराणसी-सिलीगुड़ी, मुंबई-पुणे और चेन्नई-बेंगलुरु जैसे रूट शामिल हैं।
ग्रामीण विकास और सामाजिक योजनाएं
हर जिले में एक गर्ल हॉस्टल बनाया जाएगा। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना और एक जिला-एक उत्पाद के जरिए ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा। खेल उद्योग को बढ़ावा देकर भारत को सस्ते खेल सामान का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
ग्रीन ट्रांसपोर्ट और जलमार्ग
बजट में ग्रीन कार्गो ट्रांसपोर्ट, अगले 5 वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्ग, बनारस और पटना में जहाज मरम्मत सुविधाएं तथा कार्बन कैप्चर पर 20,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शामिल हैं।













