भोपाल/उज्जैन : मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों से जुड़े एक अहम निर्णय में उज्जैन में लागू की गई लैंड पूलिंग योजना को पूर्ण रूप से निरस्त कर दिया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार उज्जैन विकास प्राधिकरण की प्रस्तावित नगर विकास योजना क्रमांक 8, 9, 10 और 11 को रद्द करने के आदेश दिए गए हैं। इससे लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर विराम लग गया है।
अधिसूचना जारी, सभी प्रस्तावित स्कीमें समाप्त
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूर्व में लागू की गई लैंड पूलिंग व्यवस्था अब प्रभावी नहीं रहेगी। इसके तहत उज्जैन क्षेत्र में प्रस्तावित नगर विकास स्कीमों को औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है, जिससे संबंधित जमीनों पर किसी प्रकार का स्थायी अधिग्रहण नहीं होगा।
संशोधन आदेश भी हुआ निरस्त
सरकार ने उस संशोधन आदेश को भी वापस ले लिया है, जिसने किसानों के बीच असमंजस की स्थिति पैदा कर दी थी। इस निर्णय के बाद लैंड पूलिंग से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं स्वतः समाप्त मानी जाएंगी।

किसान संगठनों के विरोध के बाद लिया गया फैसला
भारतीय किसान संघ सहित विभिन्न किसान संगठनों द्वारा लगातार विरोध और आंदोलन की चेतावनी दी जा रही थी। किसानों का कहना था कि इस योजना से कृषि योग्य भूमि पर संकट खड़ा हो सकता है। सरकार ने किसानों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री की घोषणा को मिला कानूनी रूप
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लैंड पूलिंग योजना को निरस्त करने की घोषणा की थी, लेकिन अधिसूचना जारी न होने से विवाद बना हुआ था। अब नए आदेश के बाद घोषणा को कानूनी मान्यता मिल गई है।
किसानों ने फैसले का किया स्वागत
किसान संगठनों ने सरकार के इस निर्णय को बड़ी राहत बताया है। उनका कहना है कि इससे हजारों किसानों की जमीन सुरक्षित रहेगी। वहीं सरकार ने दोहराया है कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन भव्य होगा, लेकिन विकास कार्य किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाए बिना किए जाएंगे।













