Ujjain Sheeghra Darshan Online: उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुगम, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए मंदिर प्रशासन ने एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। बाबा महाकाल के देश-विदेश में फैले करोड़ों भक्तों की सुविधा के लिए अब मंदिर की तमाम वीआईपी और सामान्य नागरिक सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचकर ‘शीघ्र दर्शन’ (क्विक/वीआईपी दर्शन) के लिए घंटों कतारों में खड़े होने या परेशान होने की जरूरत नहीं पड़ेगी। श्रद्धालु अब घर बैठे ही मंदिर प्रबंधन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से महज एक क्लिक पर अपना शीघ्र दर्शन टिकट सुरक्षित कर सकेंगे।
पारदर्शिता लाने के लिए उठाया कदम, दलालों के चंगुल से मिलेगी मुक्ति
उज्जैन मंदिर प्रबंधन समिति से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य दर्शन व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाना और त्योहारों व सावन के महीनों में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करना है। अक्सर देखा जाता था कि शीघ्र दर्शन और विशेष पास के नाम पर बाहरी राज्यों से आने वाले भोले-भाले श्रद्धालुओं से बिचौलियों द्वारा ठगी की शिकायतें सामने आती थीं। अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और आधार-सत्यापित लिंक से जुड़ जाने के कारण कालाबाजारी पर पूरी तरह से रोक लगेगी। श्रद्धालु अपनी यात्रा की तारीख और समय (स्लॉट) का चयन कर ऑनलाइन भुगतान के जरिए सीधे अपने मोबाइल पर बारकोड युक्त डिजिटल टिकट प्राप्त कर सकेंगे।
भस्म आरती से लेकर शयन आरती तक की बुकिंग भी ऑनलाइन लाइव
शीघ्र दर्शन टिकट के अलावा, मंदिर प्रशासन ने अपनी अन्य सभी आवश्यक और लोकप्रिय सेवाओं को भी इसी एकल डिजिटल विंडो प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर कर दिया है। अब श्रद्धालु मंदिर के विकास कार्यों और सामाजिक सरोकारों के लिए डोनेशन (ऑनलाइन दान) देने के साथ-साथ, अलसुबह होने वाली विश्व प्रसिद्ध ‘भस्म आरती’, संध्या आरती और शयन आरती की एडवांस बुकिंग भी इसी पोर्टल के जरिए कर सकेंगे। ऑनलाइन सेवाओं के सुचारू रूप से शुरू हो जाने के कारण अब वीआईपी और आम श्रद्धालुओं के बीच समन्वय बनाना प्रशासन के लिए काफी आसान हो जाएगा।
‘महाकाल महालोक’ आने वाले पर्यटकों को मिलेगा सीधा फायदा
गौरतलब है कि जब से उज्जैन में भव्य ‘महाकाल महालोक’ कॉरिडोर का निर्माण हुआ है, तब से यहां आने वाले धार्मिक पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 108 अलौकिक पिलर्स और शिवगाथाओं को दर्शाती सुंदर कलाकृतियों से सजे इस भव्य कॉरिडोर को देखने के लिए हर दिन लाखों लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में ‘शीघ्र दर्शन’ की ऑनलाइन सुविधा शुरू होने से दूर-दराज के राज्यों से आने वाले उन पर्यटकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो बेहद सीमित समय के लिए उज्जैन यात्रा पर आते हैं। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत स्रोत से टिकट न खरीदें और केवल महाकाल मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।









