Bilaspur Raid: बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में वन विभाग ने वन्यजीवों की अवैध तस्करी और बिक्री पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अनोखे स्टिंग ऑपरेशन के जरिए प्रतिबंधित कछुओं की खरीद-बिक्री का भंडाफोड़ किया है। जरहाभाठा मंदिर चौक स्थित ‘पेट पाइंट’ पेट शॉप पर छापेमारी कर वन विभाग की टीम ने चार इंडियन रूफ्ड टर्टल (Indian Roofed Turtle) जब्त किए और दुकान संचालक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
यह कार्रवाई राज्य उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) और बिलासपुर वन परिक्षेत्र की संयुक्त टीम द्वारा की गई। विभाग का कहना है कि शहर में प्रतिबंधित वन्यजीवों की अवैध खरीद-बिक्री के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
गुप्त सूचना के बाद बनाई गई विशेष रणनीति
Bilaspur Raid: वन विभाग को सूचना मिली थी कि बिलासपुर के जरहाभाठा मंदिर चौक स्थित एक पेट शॉप में चोरी-छिपे प्रतिबंधित कछुओं की बिक्री की जा रही है। सूचना मिलने के बाद राज्य उड़नदस्ता की टीम तत्काल बिलासपुर पहुंची और स्थानीय वन अधिकारियों के साथ मिलकर कार्रवाई की रणनीति तैयार की गई।सीधी छापेमारी करने के बजाय विभाग ने पहले पूरे मामले की पुष्टि करने का फैसला किया, ताकि आरोपी के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाए जा सकें।
ग्राहक बनकर पहुंचे वन विभाग के कर्मचारी
वन विभाग की टीम ने एक कर्मचारी को आम ग्राहक बनाकर पेट शॉप में भेजा। कर्मचारी ने दुकान संचालक से कछुआ खरीदने की इच्छा जताई और तय कीमत पर एक कछुआ खरीदकर अवैध बिक्री की पुष्टि की। जैसे ही सौदा पूरा हुआ, पहले से तैयार वन विभाग की टीम ने दुकान पर छापा मार दिया।तलाशी के दौरान दुकान से चार इंडियन रूफ्ड टर्टल बरामद किए गए। इसके बाद दुकान संचालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रतिबंधित प्रजाति है इंडियन रूफ्ड टर्टल
Bilaspur Raid: वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इंडियन रूफ्ड टर्टल वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित प्रजाति है। इस प्रजाति के कछुओं की खरीद-बिक्री, परिवहन या व्यापार पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुछ लोग अधिक मुनाफे के लालच में चोरी-छिपे इन वन्यजीवों का कारोबार कर रहे हैं।वन विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
Bilaspur Raid: छापेमारी के बाद आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
अन्य पेट शॉप्स पर भी रहेगी विभाग की नजर
Bilaspur Raid: वन विभाग का कहना है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में कुछ अन्य स्थानों पर भी प्रतिबंधित वन्यजीवों की अवैध बिक्री की सूचनाएं मिल रही हैं। इन्हें गंभीरता से लेते हुए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी इसी तरह के स्टिंग ऑपरेशन और छापेमारी की जाएगी।
अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी प्रतिबंधित वन्यजीवों की खरीद-बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और दुर्लभ वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित हो सके।







