उज्जैन : धार्मिक नगरी उज्जैन में रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव और बहू इशिता ने सामूहिक विवाह सम्मेलन में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह बंधन में बंधकर सादगी और सामाजिक संदेश पेश किया। सांवराखेड़ी में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में कुल 22 जोड़ों ने एक साथ फेरे लेकर अपना वैवाहिक जीवन शुरू किया।
भव्य शोभायात्रा और स्वागत
सुबह सभी 22 जोड़ों की भव्य शोभायात्रा विवाह स्थल के पास से निकाली गई। दूल्हे पारंपरिक वेशभूषा में घोड़ी पर सवार हुए, जबकि दुल्हनें सजी-धजी बग्घियों में आईं। बाराती बैंड-बाजों की धुन पर नाचते-गाते साथ चल रहे थे। शोभायात्रा के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर मंच सजाए गए, जहां शहरवासियों ने पुष्पवर्षा कर नवदंपतियों का अभिनंदन किया।
सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन
सांवराखेड़ी में तैयार किए गए 5 विशेष डोम, 22 मंडप, वीआईपी पैंट्री और 40×100 फीट के विशाल मंच ने आयोजन की भव्यता को बढ़ाया। सभी वर–वधुओं ने एक साथ वरमाला पहनाई और इसके बाद अलग-अलग मंडपों में वैदिक विधि से फेरे संपन्न हुए। प्रत्येक मंडप का आकार 15×15 फीट रखा गया।
देशभर से VIPs और संत-महात्मा की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में देशभर से 8 राज्यपाल, 11 मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, प्रदेश मंत्रीमंडल के सदस्य और लगभग 25 संत–महात्मा उपस्थित रहे। कुल 25 हजार से अधिक लोग इस ऐतिहासिक सामूहिक विवाह कार्यक्रम के साक्षी बने।
सादगी और सामाजिक संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा बेटे की शादी सामूहिक सम्मेलन में कराने के फैसले की पूरे प्रदेश में चर्चा रही। लोगों ने इसे सामाजिक समरसता और सादगी का संदेश बताया।













