निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : वाम उग्रवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच माओवादी संगठन को बड़ा झटका लगा है। 1 करोड़ रुपये के इनामी और शीर्ष नक्सली नेता तिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी ने तेलंगाना में सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उनके साथ मल्ला राजी रेड्डी समेत 16 अन्य माओवादी साथियों ने भी हथियार डाल दिए।इस आत्मसमर्पण को नक्सली आंदोलन के लिए एक बड़ी रणनीतिक क्षति माना जा रहा है।
कौन है देवजी?
देवजी का असली नाम थिप्पिरी तिरुपति है और वह मूल रूप से तेलंगाना के करीमनगर क्षेत्र का निवासी बताया जाता है।
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1 करोड़ का इनामी नक्सली
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संगठन का शीर्ष नेता
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हाल ही में महासचिव की जिम्मेदारी
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माओवादी मिलिट्री इंटेलिजेंस विंग का प्रमुख
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CMC इंचार्ज और पोलित ब्यूरो सदस्य
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कई राज्यों में उग्र आंदोलनों का नेतृत्व
देवजी को संगठन के रणनीतिक और सैन्य ढांचे का अहम हिस्सा माना जाता था।
असीफाबाद जंगलों में हुआ आत्मसमर्पण
जानकारी के अनुसार, यह आत्मसमर्पण तेलंगाना के असीफाबाद क्षेत्र में हुआ। इसे नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक सुरक्षा अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इस कदम से वाम उग्रवाद की कमर कमजोर होगी और क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
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गृहमंत्री विजय शर्मा का बयान
छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने देवजी के सरेंडर की पुष्टि करते हुए कहा कि बसवराजू के निष्क्रिय होने के बाद देवजी संगठन का बड़ा चेहरा था। उन्होंने बताया कि देवजी पहले छत्तीसगढ़ में सक्रिय रहा है और उसके आत्मसमर्पण से उग्रवाद विरोधी अभियान को मजबूती मिलेगी।
आगे की रणनीति
सुरक्षा एजेंसियां अब देवजी और अन्य आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों से पूछताछ कर संगठन की गतिविधियों, नेटवर्क और फंडिंग तंत्र की जानकारी जुटाएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि शीर्ष नेतृत्व के इस फैसले से अन्य उग्रवादी कैडर भी मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।नक्सलवाद के खिलाफ चल रही मुहिम में यह आत्मसमर्पण एक अहम मोड़ साबित हो सकता है।













