रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी में कुख्यात सूदखोर और हिस्ट्रीशीटर तोमर बंधुओं—वीरेंद्र तोमर उर्फ रूबी और रोहित तोमर—की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मंगलवार को देवेंद्र नगर थाने में उनके खिलाफ ब्लैकमेलिंग और ठगी का एक और मामला दर्ज हुआ है। यह पिछले पाँच महीनों में दोनों भाइयों पर दर्ज होने वाला आठवां केस है, जिससे पुलिस और प्रशासन उनकी गतिविधियों पर और सख्त हो गया है।
दुकानदार से 10.50 लाख का सामान लिया, फिर नहीं चुकाई रकम
शंकर नगर निवासी दुकानदार संजय चांडक ने पुलिस को बताया कि 8 अगस्त 2021 को वीरेंद्र तोमर अपने परिवार के साथ उनकी दुकान पर आया था। वह अपने नए घर के लिए पर्दे, सोफा कवर, बेडशीट और अन्य प्रीमियम सामग्री खरीद कर ले गया। बाद में वह और भी सामान लेने आया। कुल मिलाकर 10.50 लाख रुपये का सामान तोमर ने ले लिया, लेकिन भुगतान नहीं किया।
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एक साल तक फोन करने पर वह टालता रहा। जब दबाव बढ़ा तो धमकाने लगा। चांडक डर के कारण चुप रहा, लेकिन हाल ही में वीरेंद्र की गिरफ्तारी के बाद उसने हिम्मत जुटाकर FIR दर्ज कराई।
5 महीनों में 8 केस, बढ़ रहा खुलासा
पिछले पाँच महीनों में तोमर ब्रदर्स पर मारपीट, अवैध वसूली, ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी के 8 मामले दर्ज हो चुके हैं। तेलीबांधा थाना रोहित तोमर के खिलाफ मारपीट का एक और केस पहले ही दर्ज कर चुका है।
पीड़ितों ने उजागर किया सूदखोरी का नेटवर्क
हाल में कई पीड़ितों ने आगे आकर बताया कि कैसे मामूली रकम उधार देकर उनसे कई गुना ज्यादा पैसा वसूल लिया गया—
- नरेश सचदेवा: 2.5 लाख लिया → 20 लाख लौटाए
- गोपाल कुमार: 2 लाख लिया → 28 लाख लौटाए
- हरीश कछवाहा: 3.5 लाख लिया → 50 लाख चुकाए
- जयदीप बैनर्जी: 16 लाख लिया → 52 लाख लौटाए
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि तोमर बंधुओं का कर्ज का धंधा सिर्फ अवैध ही नहीं, बल्कि शहर में लंबे समय से आतंक का कारण भी बना हुआ था।
पुलिस अब और सख्त
देवेंद्र नगर पुलिस का कहना है कि दोनों भाइयों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई की जा रही है और पुराने मामलों की भी पुन: जांच की जा रही है। प्रशासन इन्हें शहर में सक्रिय सूदखोरी और ब्लैकमेलिंग नेटवर्क के मुख्य केंद्र मान रहा है।













