सूरत: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सूरत में बड़ी साइबर ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि इन आरोपियों ने डिजिटल फ्रॉड के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की।
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गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
- मकबूल अब्दुल रहमान डॉक्टर
- काशिफ मकबूल डॉक्टर
- महेश माफतलाल देसाई
- ओम राजेंद्र पांड्या
ठगी का तरीका:
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने डिजिटल अरेस्ट, फॉरेक्स ट्रेडिंग, फर्जी ईडी और सुप्रीम कोर्ट नोटिस जैसी धोखाधड़ी के जरिए लोगों को ठगने का काम किया। इसके लिए उन्होंने फर्जी बैंक अकाउंट और प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किया।
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हवाला और क्रिप्टो का इस्तेमाल:
ठगी से कमाया गया पैसा हवाला चैनल के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में बदल दिया जाता था, ताकि एजेंसियों की नजर से बचा रहे।
अगले कदम:
गिरफ्तार आरोपियों को अहमदाबाद की पीएमएलए विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 5 दिन की ED कस्टडी दी गई। ED टीम अब नेटवर्क के बाकी सदस्यों और पैसों की ट्रेल पकड़ने में जुटी है।













