sukma News : कृष्णा नायक सुकमा/सुकमा :- सुकमा जिले के पशुपालकों को अपने बीमार या घायल पशुओं के इलाज के लिए अस्पताल तक ले जाने की परेशानी नहीं उठानी होगी। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन में जिले में मोबाइल वेटनरी यूनिट (चलित पशु चिकित्सा इकाई) के माध्यम से घर–घर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। पशु चिकित्सकीय सेवाओं का लाभ अब टोल फ्री नंबर 1962 पर कॉल करके लिया जा सकता है। कॉल करने पर मोबाइल यूनिट टीम पशुपालक से पता, लोकेशन और पशु की स्थिति (बीमार या चोटिल) की जानकारी लेकर मौके पर पहुंचकर त्वरित उपचार प्रदान करती है।
sukma News : पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक डॉ. संदीप इन्दुरकर ने बताया कि जिले के तीनों विकासखंड सुकमा, छिंदगढ़ और कोंटा में मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई के माध्यम से लगातार सेवाएं दी जा रही हैं। इन इकाइयों द्वारा पशुधन का रोग परीक्षण, उपचार, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, बधियाकरण और औषधि वितरण का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मोबाइल वेटनरी यूनिट किसानों और पशुपालकों के लिए वरदान साबित हो रही है। इससे न केवल बीमार पशुओं का समय पर इलाज हो पा रहा है, बल्कि देशी नस्लों के गायों में उन्नत नस्लों के बीज से कृत्रिम गर्भाधान और निकृष्ट नाटों का बधियाकरण कार्य भी प्रभावी ढंग से किया जा रहा है।









