Singrauli Citadel Company News : सिंगरौली: नगर पालिक निगम सिंगरौली के वार्ड क्रमांक 1 से 45 तक कचरा संग्रहण करने वाली सीटाडेल कंपनी के मजदूर आज अपनी मजदूरी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। शहर को स्वच्छ रखने वाले इन हाथों को महीनों से वेतन नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि कंपनी पर चल रही अंतहीन जांच और कथित “परसेंटेज” की राजनीति ने इन गरीब मजदूरों के निवाले पर संकट खड़ा कर दिया है।
जांच कागजों में, दर्द मजदूरों के चूल्हे में
कंपनी के मजदूरों का आरोप है कि नगर निगम और राजनीति से जुड़े कुछ लोग अपनी आपसी लड़ाई और स्वार्थ के कारण कंपनी के भुगतान रोके हुए हैं। मजदूरों का कहना है कि प्रशासन जांच करे या ठेका निरस्त, हमें आपत्ति नहीं, लेकिन हमारे काम का वेतन क्यों रोका जा रहा है? यदि जांच वर्षों तक चली, तो क्या मजदूरों के परिवार वर्षों तक भूखे रहेंगे?
विधायक का आश्वासन: क्या लौटेगी मजदूरों की मुस्कान?
मजदूरों की गुहार के बाद सिंगरौली विधायक ने इस मामले में दखल दिया है। उन्होंने महापौर, निगम अध्यक्ष और कमिश्नर से बात कर भुगतान में आ रही अड़चनों को दूर करने का भरोसा दिलाया है। हालांकि, मजदूर अब आश्वासनों से थक चुके हैं और उन्हें ठोस कार्यवाही का इंतजार है।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल
शहर की सफाई व्यवस्था का जिम्मा उठाने वाली कंपनी के मजदूरों का वेतन रुकना निगम प्रशासन की विफलता को दर्शाता है। एक ओर शहर को नंबर-1 बनाने का दावा किया जाता है, वहीं दूसरी ओर ग्रांउड जीरो पर काम करने वाले योद्धाओं का शोषण हो रहा है।













