सिंगरौली : माडा क्षेत्र में शाह मेडिकल स्टोर धीरे-धीरे “क्लिनिक” के रूप में काम कर रहा है। आरोप हैं कि यहां बिना किसी मेडिकल डिग्री या प्रशिक्षण के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्टोर में काम करने वाले कर्मचारी मरीजों को इंजेक्शन तक लगा रहे हैं, जबकि उन्हें चिकित्सकीय योग्यता नहीं है।
स्थानीय पत्रकारों के स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ कि एक मरीज को इंजेक्शन दिए जाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और उसे तुरंत दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ा। मामले ने स्वास्थ्य विभाग की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाह मेडिकल स्टोर लंबे समय से स्वास्थ्य अधिकारियों को मोटी रकम देता रहा है, जिसके कारण उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। माडा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का फायदा उठाकर स्टोर इलाज के नाम पर लोगों का शोषण कर रहा है।
कानून के अनुसार, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत बिना डिग्रीधारी व्यक्ति मरीजों का इलाज या इंजेक्शन नहीं दे सकता, लेकिन इसके बावजूद यहां नियमों की खुलेआम अवहेलना हो रही है।
स्थानीय लोग अब स्वास्थ्य विभाग से सवाल पूछ रहे हैं कि क्या जिला स्वास्थ्य अधिकारी और मेडिकल ऑफिसर इस गंभीर मामले की जांच करेंगे या चुप्पी साधे रहेंगे। समय रहते कार्रवाई न होने पर यह सिर्फ कानूनी उल्लंघन नहीं, बल्कि आम जनता की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।













