Sunday, August 16, 2026
Home Tech सुप्रीम कोर्ट में SEIAA विवाद : 237 अवैध पर्यावरण स्वीकृतियों पर केंद्र...

सुप्रीम कोर्ट में SEIAA विवाद : 237 अवैध पर्यावरण स्वीकृतियों पर केंद्र और राज्य को नोटिस

0
130
सुप्रीम कोर्ट में SEIAA विवाद
सुप्रीम कोर्ट में SEIAA विवाद

भोपाल। मध्यप्रदेश में स्टेट एनवायरमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (SEIAA) को बायपास कर अप्रैल-जून 2025 के बीच जारी 237 अवैध पर्यावरण स्वीकृतियों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है। याचिका “विजय कुमार दास बनाम भारत संघ एवं अन्य” (WP Civil No. 689/2025) पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्रीय और राज्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया और दो सप्ताह में जवाब मांगा।

सुप्रीम कोर्ट की बेंच—चीफ जस्टिस बी.आर. गवई, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस जॉयमाल्या बागची—ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाए कि “SEIAA की बैठकें क्यों नहीं कराईं गईं?” और “प्रमुख सचिव ने पर्यावरणीय स्वीकृतियों का अनुमोदन कैसे कर दिया?”

केंद्र सरकार की पहल:
केंद्र के पर्यावरण मंत्रालय (MoEF&CC) ने मामले की गंभीरता देखते हुए एक हाई पावर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित की है। इस समिति में शामिल हैं:

  • अमनदीप गर्ग, अतिरिक्त सचिव, MoEF&CC – अध्यक्ष

  • सतीश वाते – सदस्य

  • रजत अग्रवाल, संयुक्त सचिव, MoEF&CC – संयोजक

समिति SEIAA की प्रक्रियाओं और 237 परियोजनाओं की स्वीकृतियों की गहन जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

मामले में गड़बड़ियां:

  • अप्रैल-जून 2025 के बीच SEIAA की नियमित बैठकें नहीं हुईं।

  • अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान ने 48 बार बैठक बुलाने का पत्र लिखा, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

  • सदस्य सचिव उमा माहेश्वरी छुट्टी पर गईं और प्रभार में आए श्रीमन शुक्ल ने नियमों का सहारा लेकर 237 ईसी जारी कर दी।

  • प्रमुख सचिव नवनीत मोहन कोठारी ने इन अवैध स्वीकृतियों को अनुमोदित किया।

SEIAA अध्यक्ष का कहना है कि यह प्रक्रिया न केवल अवैध है, बल्कि पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचा सकती है।

राज्य सरकार की प्रतिक्रिया:
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद राज्य सरकार ने प्रमुख सचिव नवनीत मोहन कोठारी और एप्को की कार्यपालन निदेशक उमा माहेश्वरी को तुरंत पद से हटा दिया।

देशभर पर असर:
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह विवाद केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। अगर गड़बड़ियां साबित होती हैं तो पूरे देश के SEIAAs की कार्यप्रणाली और पर्यावरणीय स्वीकृति प्रक्रिया में बदलाव आ सकता है।

केंद्र की हाई पावर कमेटी ने SEIAA अध्यक्ष, सदस्य सचिव, पूर्व सदस्य सचिव और पूर्व प्रमुख सचिव को दिल्ली तलब किया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सुप्रीम कोर्ट की बेंच अंतिम निर्णय लेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मामले में कड़ा फैसला आने की संभावना प्रबल है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here