मनेंद्रगढ़|छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के चिरमिरी स्थित NCPH कोलियरी की R-6 माइंस में शनिवार को एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। कोयला निकालने वाली कन्वेयर बेल्ट को बदलने के दौरान यह हादसा हुआ, जिसमें मजदूर लल्लू बेल्ट में बुरी तरह दब गया। गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
SECL अधिकारियों की चुप्पी
घटना के बाद से माइंस क्षेत्र में दहशत का माहौल है। अन्य मजदूरों में आक्रोश है, लेकिन SECL (South Eastern Coalfields Limited) के अधिकारियों ने इस हादसे पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया है। यह रवैया कई सवाल खड़े कर रहा है – आखिर सुरक्षा के मानकों का पालन हुआ था या नहीं?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कोयला खदान की R-6 इकाई में कोयला ले जाने वाली बेल्ट को बदला जा रहा था। इसी दौरान लल्लू नामक मजदूर तकनीकी प्रक्रिया में व्यस्त था, तभी बेल्ट अचानक चालू हो गई और वह मशीन के बीच फंस गया।
न मजदूर यूनियन की प्रतिक्रिया, न प्रबंधन की सफाई
घटना के बाद मौके पर मौजूद मजदूरों ने कहा कि समय रहते बिजली काट दी जाती या सुपरविजन बेहतर होता, तो यह हादसा टल सकता था। मजदूर यूनियन की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। वहीं, कंपनी प्रबंधन ने हादसे को लेकर कोई प्रेस नोट या बयान जारी नहीं किया है।
क्या सुरक्षा इंतजाम नाकाफी थे?
यह हादसा एक बार फिर खदानों में मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। क्या SECL जैसी बड़ी कोल कंपनी में पर्याप्त सेफ्टी प्रोटोकॉल नहीं अपनाए जा रहे? क्या यह हादसा लापरवाही का नतीजा था?











