Satyapal Malik : नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ राजनेता सत्यपाल मलिक का मंगलवार को निधन हो गया। वह 79 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में अंतिम सांस ली।
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परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, सत्यपाल मलिक को लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं और वह दिल्ली में इलाज करा रहे थे। उनके निधन की खबर से राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई है।
सत्यपाल मलिक का राजनीतिक करियर काफी लंबा और विविधताओं से भरा रहा। वे कई राज्यों के राज्यपाल रह चुके थे, जिनमें जम्मू-कश्मीर, गोवा, मेघालय और बिहार प्रमुख हैं। उन्होंने 2018 से 2019 तक जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल के रूप में कार्य किया था, जब वहां अनुच्छेद 370 हटाए जाने की प्रक्रिया चल रही थी। उनके कार्यकाल के दौरान ही जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किया गया था और उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था।
राजनीति में सत्यपाल मलिक की शुरुआत छात्र राजनीति से हुई थी। वे भारतीय जनता पार्टी, समाजवादी पार्टी और जनता दल जैसी कई प्रमुख पार्टियों से जुड़े रहे। वे उत्तर प्रदेश से राज्यसभा और लोकसभा सांसद भी रहे हैं। ईमानदार और स्पष्ट वक्ता के रूप में उनकी पहचान रही है। किसान आंदोलनों और जनहित के मुद्दों पर उन्होंने कई बार केंद्र सरकार की आलोचना भी की थी।
उनके निधन पर कई नेताओं और राजनेताओं ने शोक व्यक्त किया है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री सहित अनेक नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की है।
सत्यपाल मलिक के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए उनके दिल्ली स्थित निवास पर रखा जाएगा। इसके बाद उनके पैतृक गांव, बघपत (उत्तर प्रदेश) में अंतिम संस्कार किया जाएगा। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।









