Satna incident : भोपाल: मध्य प्रदेश के सतना जिले में चार मासूम बच्चों को एचआईवी (HIV) पॉजिटिव रक्त चढ़ाए जाने की अत्यंत गंभीर और रूह कंपा देने वाली घटना ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे को लेकर आज राजधानी भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) में पूर्व मंत्री व विधायक जयवर्धन सिंह तथा विधायक विक्रांत भूरिया ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक “कभी न मिटने वाला कलंक” करार दिया है।
Satna incident : प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना केवल एक तकनीकी चूक नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली प्रदेश सरकार की विफलता है। उन्होंने कहा कि “चार निर्दोष बच्चों का भविष्य इस भयावह लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। अगर ब्लड बैंक और सरकारी अस्पतालों में मानकों के अनुसार रक्त की जांच की जाती, तो यह आपराधिक कृत्य कभी नहीं होता।”
Satna incident : जयवर्धन सिंह ने सीधा आरोप लगाया कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और ब्लड बैंकों में जांच की प्रक्रिया को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है। उन्होंने अंदेशा जताया कि इस मामले में दोषियों को बचाने और उन्हें प्रशासनिक संरक्षण देने का प्रयास किया जा रहा है। सिंह ने सरकार से सवाल किया कि इन मासूम बच्चों के जीवन के साथ हुए इस खिलवाड़ की जिम्मेदारी कौन लेगा?
Satna incident : वहीं, कांग्रेस नेता और विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा कि सतना की यह घटना पूरे मध्य प्रदेश की चरमराई हुई स्वास्थ्य सेवाओं का एक नमूना है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। भूरिया ने जोर देते हुए कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाना चाहिए ताकि वे जांच को प्रभावित न कर सकें।
Satna incident : कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित बच्चों को न्याय नहीं मिला और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन करेगी। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा प्रोटोकॉल और मेडिकल एथिक्स पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।











