Satna College Fraud : रीवा/सतना: मध्य प्रदेश के सतना जिले से शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। डाली बाबा क्षेत्र स्थित ‘स्कॉलर्स होम कॉलेज’ के संचालक राजीव सोनी पर आरोप है कि उन्होंने बीएएलएलबी पाठ्यक्रम की मान्यता न होने के बावजूद सैकड़ों छात्र-छात्राओं को एडमिशन का झांसा दिया और उनसे लाखों रुपए की फीस ऐंठ ली। सोमवार को न्याय की गुहार लेकर पीड़ित छात्र रीवा स्थित डीआईजी कार्यालय पहुंचे और संचालक के विरुद्ध शिकायती आवेदन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पीड़ित छात्रों ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन ने उन्हें बीएएलएलबी में प्रवेश देने के नाम पर प्रति छात्र 6,500 से लेकर 8,500 रुपए तक जमा कराए। एडमिशन के बाद जब नियमित कक्षाएं शुरू नहीं हुईं, तो छात्रों को प्रबंधन की नियत पर शक हुआ। पड़ताल करने पर पता चला कि कॉलेज के पास इस पाठ्यक्रम को संचालित करने की वैध मान्यता ही नहीं है। जब छात्रों ने इस बारे में पूछताछ की, तो प्रबंधन उन्हें यह कहकर गुमराह करता रहा कि ‘उच्च शिक्षा पोर्टल’ समय पर न खुलने के कारण उनका दाखिला ऑनलाइन दर्ज नहीं हो पा रहा है।
मामले का खुलासा होने के बाद जब छात्र-छात्राओं ने अपनी जमा की गई फीस वापस मांगी, तो कॉलेज संचालक राजीव सोनी ने पैसे लौटाने में आनाकानी शुरू कर दी। छात्रों का आरोप है कि प्रबंधन न केवल उनकी मेहनत की कमाई डकार गया है, बल्कि उनके कीमती शैक्षणिक वर्ष को भी बर्बाद कर दिया है। छात्रों ने पहले सतना के स्थानीय थाने और एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन वहां से कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण उन्हें डीआईजी की शरण में आना पड़ा।
डीआईजी कार्यालय पहुंचे छात्रों के समूह ने आरोप लगाया कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण कॉलेज संचालक बेखौफ घूम रहा है। छात्रों ने मांग की है कि कॉलेज संचालक के विरुद्ध धोखाधड़ी और कूट-रचना का मामला दर्ज किया जाए और उनकी फीस अविलंब वापस दिलाई जाए। डीआईजी कार्यालय ने छात्रों की शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यह मामला एक बार फिर निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा मान्यता के नाम पर किए जा रहे फर्जीवाड़े और छात्रों के भविष्य से हो रहे खिलवाड़ को उजागर करता है। अब देखना यह है कि प्रशासन छात्रों को न्याय दिलाने के लिए कॉलेज संचालक पर क्या शिकंजा कसता है।













