निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के बीच खेले गए मुकाबले के बाद एक नया विवाद सामने आ गया है। राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह कथित तौर पर ड्रेसिंग रूम में ‘वेप’ का इस्तेमाल करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद क्रिकेट जगत में चर्चा तेज हो गई है और फैंस भी इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
मैच के दौरान कैमरे में कैद हुई घटना
यह पूरा मामला मैच के 16वें ओवर के दौरान सामने आया। रियान पराग 16 गेंदों में 29 रन बनाकर आउट हुए और पवेलियन लौट गए। इसके कुछ देर बाद ब्रॉडकास्ट कैमरे ने ड्रेसिंग रूम की एक झलक दिखाई, जिसमें पराग के हाथ में एक संदिग्ध डिवाइस दिखाई दी। सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि वह वेप था और कप्तान उसका इस्तेमाल कर रहे थे।
वीडियो वायरल होते ही ट्विटर, इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर बहस शुरू हो गई। कुछ लोगों ने इसे अनुशासनहीनता बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने कहा कि वीडियो पूरी तरह स्पष्ट नहीं है और निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
What Was Riyan Parag Even Thinking About ?
Under 200 Cameras And Still Vaping pic.twitter.com/An8yH57I0v
— TIRAMISU (@desiculerr) April 28, 2026
BCCI के नियमों पर उठे सवाल
हालांकि IPL या BCCI के नियमों में वेपिंग को लेकर कोई सार्वजनिक स्पष्ट दिशा-निर्देश सामने नहीं आए हैं, लेकिन खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर बोर्ड हमेशा सख्त रुख अपनाता रहा है। स्टेडियम परिसर, डगआउट और ड्रेसिंग रूम में तंबाकू या उससे जुड़े उत्पादों के इस्तेमाल को लेकर कई बार चेतावनी जारी की जा चुकी है।
ऐसे में अगर जांच में वीडियो सही पाया जाता है, तो रियान पराग पर जुर्माना या अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल BCCI या राजस्थान रॉयल्स की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
क्या होती है वेपिंग?
वेपिंग का मतलब ई-सिगरेट या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए निकोटीन या फ्लेवरयुक्त लिक्विड को गर्म करके उससे निकलने वाली भाप को अंदर लेना होता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। भारत में कई राज्यों में ई-सिगरेट और वेपिंग उत्पादों पर प्रतिबंध भी लगाया जा चुका है।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
रियान पराग का वीडियो सामने आने के बाद फैंस दो हिस्सों में बंट गए हैं। कुछ लोगों ने कहा कि खिलाड़ियों को युवाओं के लिए आदर्श बनना चाहिए, इसलिए इस तरह की गतिविधियों से बचना जरूरी है। वहीं कुछ प्रशंसकों का कहना है कि बिना आधिकारिक पुष्टि किसी खिलाड़ी को निशाना बनाना गलत है।अब सभी की नजर BCCI और राजस्थान रॉयल्स के अगले कदम पर टिकी हुई है।











