ACB Action Sakti: सक्ती में घूसखोरों की तिकड़ी ढेर, CEO, बाबू और चपरासी अरेस्ट

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ACB Action Sakti: सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई सामने आई है। बिलासपुर एसीबी की टीम ने सोमवार को सक्ती जनपद पंचायत कार्यालय में दबिश देकर घूसखोरों के एक पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। एसीबी ने बड़ी मुस्तैदी दिखाते हुए जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) निखिल कश्यप, उनके बाबू (लिपिक) अविनाश ठाकुर और कार्यालय के भृत्य (चपरासी) लच्छन भानू को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। इन तीनों आरोपियों ने एक सरपंच के बेटे से पंचायत के विकास कार्यों का रुका हुआ चेक जारी करने के एवज में 2 लाख रुपये की घूस मांगी थी।

प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के चेक के बदले मांगा था ‘कमिशन’

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब प्रार्थी अरुण भारद्वाज ने बिलासपुर एसीबी (ACB) कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई। अरुण ने बताया कि उनकी माता ग्राम लिमतरा (जिला सक्ती) की सरपंच हैं। गांव में प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत निर्मल घाट और नाली निर्माण जैसे जनहित के कार्यों के लिए कुल 20 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई है। इस राशि में से 8 लाख रुपये का पहला चेक जनपद पंचायत सक्ती से पहले ही जारी हो चुका है।Chhattisgarh liquor scam: ACB, EOW conduct raids - The Statesman

शेष बचे 12 लाख रुपये का चेक जारी कराने की प्रक्रिया के लिए सरपंच मां ने अपने बेटे अरुण भारद्वाज को अधिकृत किया था। जब अरुण इस सिलसिले में जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे, तो सीईओ निखिल कश्यप और बाबू अविनाश ठाकुर ने नियमों का हवाला देकर उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। अंततः आरोपियों ने 12 लाख का चेक क्लीयर करने के बदले 2 लाख रुपये कमिशन (रिश्वत) की डिमांड कर दी।

पहली किस्त ले चुके थे, दूसरी किस्त लेते ही जाल में फंसे

शिकायतकर्ता अरुण भारद्वाज घूसखोर अफसरों के आगे झुकना नहीं चाहते थे, बल्कि उन्हें सबक सिखाना चाहते थे। एसीबी ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया, जो बिल्कुल सही पाई गई। सत्यापन के दौरान ही शातिर बाबू अविनाश ठाकुर ने अपने भृत्य लच्छन के माध्यम से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 1 लाख रुपये पहले ही वसूल लिए थे।

सोमवार 15 जून को एसीबी की टीम ने सक्ती जनपद कार्यालय में घेराबंदी कर विधिवत ट्रैप का आयोजन किया। जैसे ही प्रार्थी अरुण भारद्वाज ने आरोपियों को दूसरी किस्त के रूप में बचे हुए 1 लाख रुपये थमाए, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने धावा बोल दिया। टीम ने मौके पर ही सीईओ निखिल कश्यप, बाबू अविनाश ठाकुर और सहयोगी भृत्य लच्छन भानू को रंगे हाथों धर दबोचा। केमिकल टेस्ट में आरोपियों के हाथ गुलाबी हो गए।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

भ्रष्टाचार के इस बड़े मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 7, 12 पीसी एक्ट 1988 (यथासंशोधित अधिनियम 2018) के कड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। एसीबी की टीम आरोपियों के ठिकानों और उनके अन्य बैंक खातों व संपत्तियों की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद से सक्ती जिले के प्रशासनिक गलियारों और सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है।

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